
मतदाता सूची में छोटी-मोटी त्रुटियों पर नहीं रोका जाएगा मतदान, पहचान सुनिश्चित होने पर मिलेगा मताधिकार
23 अक्टूबर को विधान परिषद स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन के लिए होगा मतदान, जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए निर्देश
गाजीपुर, 22 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के तहत 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान में मतदाता सूची में लिपिकीय अथवा मुद्रण संबंधी मामूली त्रुटियों के कारण किसी भी पात्र मतदाता को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला ने इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यदि कोई मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान केंद्र पर पहुंचता है और मतदाता सूची में उसके नाम, विवरण अथवा अन्य प्रविष्टियों में आंशिक लिपिकीय या मुद्रण संबंधी त्रुटि पाई जाती है, तो केवल इस आधार पर उसे मतदान करने से नहीं रोका जाएगा।उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी स्थिति में पीठासीन अधिकारी अथवा संबंधित मतदान अधिकारी को मतदाता की पहचान सुनिश्चित करनी होगी। यदि मतदाता द्वारा प्रस्तुत अनुमन्य दस्तावेजों अथवा मतदाता सूची में दर्ज अन्य विवरणों के आधार पर अधिकारी इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि मतदान के लिए उपस्थित व्यक्ति वही है, जिसका नाम मतदाता सूची में दर्ज है, तो मामूली त्रुटियों को नजरअंदाज करते हुए उसे मताधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी जाएगी।जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं मतदान कार्मिकों को निर्देशित किया है कि मतदान के दौरान इन दिशा-निर्देशों का प्रभावी ढंग से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही सभी संबंधित कार्मिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है, ताकि किसी पात्र मतदाता को केवल नाम या विवरण में छोटी-मोटी त्रुटियों के कारण मतदान से वंचित न होना पड़े।प्रशासन का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को सुचारु, व्यवस्थित एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराना है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देशों के अनुपालन पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि मतदाता की पहचान सुनिश्चित होने पर उसे अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर दिया जाना चाहिए।



