धर्मभारत

सिद्धपीठ हथियाराम मठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, मां वृद्धांबिका व मां दुर्गा की हुई विधिवत पूजा-अर्चना

पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज ने किया नौ दिवसीय फलाहार भंडारे का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़; फूल-मालाओं से सजा सिद्धपीठ परिसर

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर की रिपोर्ट/नवरात्रि स्पेशल कवरेज।

सिद्धपीठ हथियाराम मठ में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, मां वृद्धांबिका व मां दुर्गा की हुई विधिवत पूजा-अर्चना

पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज ने किया नौ दिवसीय फलाहार भंडारे का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़; फूल-मालाओं से सजा सिद्धपीठ परिसर

जखनियां (गाजीपुर)।शारदीय नवरात्र के पावन प्रथम दिन रविवार को जनपद गाजीपुर की जखनियां तहसील अंतर्गत विश्वविख्यात सिद्धपीठ हथियाराम मठ में वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और मां भगवती की आराधना के साथ नवरात्र महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ। सिद्धपीठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज के करकमलों से वैदिक विद्वान ब्राह्मणों की उपस्थिति में मठ परिसर में स्थापित मां वृद्धांबिका एवं मां दुर्गा के स्वरूपों का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण के बीच मां के जयकारे गूंजते रहे और श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाकर सुख, शांति, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।नवरात्र के प्रथम दिन से ही सिद्धपीठ पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। क्षेत्रीय भक्तों के साथ-साथ दूर-दराज के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। नवरात्र के दौरान लगातार नौ दिनों तक चलने वाली शक्ति उपासना को देखते हुए मठ परिसर को फूल-मालाओं एवं आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया है। धार्मिक अनुष्ठानों, पूजन-पाठ और मां भगवती की आराधना से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण नजर आया।

नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए फलाहार की व्यवस्था

नवरात्र में मां के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सिद्धपीठ परिसर में नौ दिनों तक फलाहार भंडारे की व्यवस्था की गई है। नवरात्र के प्रथम दिन महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ फलाहार भंडारे का उद्घाटन किया। इस व्यवस्था का उद्देश्य मां के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि वे श्रद्धा और सहजता के साथ अपनी धार्मिक साधना एवं पूजा-अर्चना कर सकें।मठ परिसर में आयोजित यह सेवा व्यवस्था नवरात्र की आध्यात्मिक परंपरा के साथ-साथ सेवा, समर्पण और लोककल्याण की भावना को भी अभिव्यक्त करती है। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुभाष गोयल के संयोजन में हो रहा नवरात्र एवं महायज्ञ का आयोजन

सिद्धपीठ परिसर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वर्ष नवरात्र एवं महायज्ञ के आयोजन में महामंडलेश्वर भवानीनंदन यति जी महाराज के परम शिष्य एवं कृपापात्र इंदौर निवासी सुभाष गोयल की प्रमुख भूमिका है। आयोजन के मुख्य यजमान सुभाष गोयल हैं। अपरिहार्य कारणों से वे नवरात्र के प्रथम दिन सिद्धपीठ परिसर में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने इंदौर से ही महाराज श्री द्वारा संपन्न कराए जा रहे पूजन-अर्चन एवं वैदिक अनुष्ठानों का लाइव प्रसारण देखकर आयोजन में सहभागिता की।नवरात्र और महायज्ञ के माध्यम से मां भगवती की आराधना, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। सिद्धपीठ में नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

आस्था, साधना और शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र है सिद्धपीठ हथियाराम

गाजीपुर जनपद ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्रों में शामिल सिद्धपीठ हथियाराम मठ लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां मां वृद्धांबिका की आराधना के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मां के दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना से उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति प्राप्त होती है।शारदीय नवरात्र के अवसर पर सिद्धपीठ में मां शक्ति की उपासना का विशेष महत्व है। नवरात्र के नौ दिन भक्तों के लिए आत्मशुद्धि, साधना, संयम और मां भगवती के प्रति समर्पण का पर्व माने जाते हैं। इस दौरान मंदिरों में पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार, हवन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की आराधना की जाती है।सिद्धपीठ हथियाराम में भी इसी धार्मिक परंपरा के अनुरूप नवरात्र महोत्सव की शुरुआत हुई। फूल-मालाओं से सजा मठ परिसर, वैदिक मंत्रों की गूंज और मां के दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालुओं की भीड़ ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन मुस्तैद

नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही को देखते हुए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा एवं व्यवस्था के आवश्यक इंतजाम किए गए। सिद्धपीठ परिसर और आसपास के क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई, जिससे दर्शन-पूजन के लिए पहुंचने वाले भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं की आवाजाही एवं सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे।पावन अवसर पर क्षेत्रीय नागरिकों, दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं तथा विशिष्ट एवं अति विशिष्ट व्यक्तियों के साथ प्रशासनिक अधिकारियों का भी आवागमन रहा। नवरात्र के पहले दिन से ही सिद्धपीठ में दिखाई दिया उत्साह आगामी नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था को दर्शाता है।शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही सिद्धपीठ हथियाराम में मां भगवती की आराधना का नौ दिवसीय क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं के लिए फलाहार की व्यवस्था, वैदिक अनुष्ठान और सुरक्षा के प्रबंधों के बीच मठ परिसर मां की भक्ति, सेवा और शक्ति साधना का केंद्र बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button