कैम्पियरगंज में सपा में टिकट को लेकर घमासान, साधू यादव ने खुद को बताया भावी प्रत्याशी, कल निकालेंगे विशाल रोड शो – पोस्टर से जिला संगठन गायब

कैम्पियरगंज में सपा में टिकट को लेकर घमासान, साधू यादव ने खुद को बताया भावी प्रत्याशी, कल निकालेंगे विशाल रोड शो – पोस्टर से जिला संगठन गायब
गोरखपुर। जिले के उत्तर में स्थित विधानसभा सीट कैम्पियरगंज चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी का अंदरूनी अखाड़ा बन चुकी है। 320 कैम्पियरगंज विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर दो दावेदार आमने-सामने हैं।
नवीन यादव ने की थी एंट्री
लगभग 20 दिन पहले नवीन यादव ने सपा जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष व अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ रोड शो कर अपनी दावेदारी ठोकी थी। उन्होंने दावा किया था कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें चुनाव लड़ने को कहा है। जिलाध्यक्ष ने इसकी पुष्टि भी की थी। नवीन सपा से काफी पहले से जुड़े हैं और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव से उनके सीधे संबंध हैं।
साधू यादव का पलटवार, कल रोड शो
वर्षों से इस क्षेत्र में सक्रिय सपा नेता साधू यादव यह बात मानने को तैयार नहीं हैं। अब वह नवीन यादव और स्थानीय जिला संगठन को जवाब देने के लिए मैदान में उतर रहे हैं। 6 सितंबर 2026, शनिवार सुबह 9 बजे वह विशाल रोड शो करेंगे।
साधू यादव की ओर से जारी पोस्टर में उन्होंने खुद को “भविष्य के प्रत्याशी” और “आपका अपना साथी, आपका अपना उम्मीदवार – साधू भैया” के रूप में प्रस्तुत किया है। खास बात यह है कि पोस्टर पर सपा के राष्ट्रीय नेतृत्व मुलायम सिंह, अखिलेश यादव की फोटो तो है, लेकिन स्थानीय जिला संगठन के किसी भी पदाधिकारी की फोटो गायब है। इसे बगावती तेवर के रूप में देखा जा रहा है।
वरिष्ठ पत्रकार डीबीबी मिश्र के अनुसार साधू यादव ने पोस्टर में पार्टी से ज्यादा जनता को तवज्जो दी है। उनका यह रोड शो अखिलेश यादव तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश है कि उनकी स्थिति सबसे मजबूत है।
रोड शो का रूट
यह रोड शो बायपास रोड भगवानपुर से शुरू होगा। पीपीगंज बाजार, जंगल कौड़िया, जीरो प्वाइंट, शेरपुर, चमरहा टोल टैक्स, भंडारो सर्विस रोड, डोहरिया बाजार, सिंहोरवा चौराहा, मीरपुर, तुरकौलिया, जसवल बाजार, मंगरू चौराहा, जनकपुर होते हुए कैम्पियरगंज पहुंचेगा। यहां साधू यादव के कार्यालय पर समापन होगा। उनके समर्थकों का दावा है कि नवीन यादव के रोड शो पर साधू भैया का रोड शो भारी पड़ेगा।
साधू यादव का सियासी इतिहास
साधू यादव इसी क्षेत्र के निवासी हैं और पिछले कई वर्षों से सक्रिय हैं। 2005 में पार्टी ने उनकी पत्नी चिंता यादव को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया था। 2012 में कैम्पियरगंज विधानसभा के गठन के साथ ही पार्टी ने उन्हें टिकट दिया, लेकिन वह भाजपा के फतेहबहादुर सिंह (71,906 वोट) से 8,757 वोटों से हार गईं थीं। 2017 में सपा-कांग्रेस गठबंधन में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और हारीं। 2022 में उन्हें टिकट नहीं मिला। 2027 के लिए वह पूरी तरह आश्वस्त थे, लेकिन अचानक नवीन यादव का नाम सामने आने से सियासत गरमा गई है।
राष्ट्रीय नेतृत्व तक नहीं पहुंची बात
सूत्रों के अनुसार जब से नवीन यादव के नाम की चर्चा शुरू हुई है, साधू यादव और उनका परिवार राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का समय मांग रहे हैं। लेकिन अभी तक समय नहीं मिला है और अखिलेश यादव से मुलाकात की कोई तस्वीर सामने नहीं आई है। चर्चा है कि सपा प्रमुख अब अपने निर्णय में बदलाव के मूड में नहीं हैं। इसलिए साधू यादव जमीन पर ताकत दिखाकर हाईकमान तक अपना संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। यह रोड शो ही तय करेगा कि कैम्पियरगंज की लड़ाई किस ओर जाएगी।



