2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसके ध्वस्तीकरण का आदेश किया.

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2025 में इस मस्जिद को अवैध बताते हुए बजरंग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने सिटी मजिस्ट्रेट की कोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सुनवाई के बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध माना और अपने फैसले में इसके ध्वस्तीकरण का आदेश किया.
20 जुलाई 2026 को कांग्रेस के सहारनपुर सांसद इमरान मसूद ने एक प्रेसवार्ता की और बताया-
“यह गाटा संख्या- 539 में बनी मस्जिद वालिद खां और याकूब खां के नाम पर है. यह जमीन उन्हीं ने कलैक्ट्रेट, कोषागार और तहसील बनाने के लिए डोनेट की थी. सन्-1911 का बिजली का बिल भी कोर्ट में जमा किया है वह भी पोर्टल से निकालकर. इसी जमीन में एक मंदिर भी बनाया गया है. आप पहले मस्जिद तोड़ोगे और फिर मंदिर. आखिर मंदिर-मस्जिद क्यों तोड़ना चाहते हो”
इमरान ने कहा था कि कानूनी पक्ष बहुत मजबूत है इसी खसरे में मंदिर भी बना हुआ है. जो कार्रवाई मस्जिद पर होगी, उसे करने की मजबूरी मंदिर के लिए भी हो जायेगी.
मस्जिद की इंतजामिया कमेटी सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ जिला जज की कोर्ट में अपील के लिए गयी. करीब डेढ़ महीने सुनवाई के बाद जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बहाल रखते हुए इस मामले में दखल देने से इंकार कर दिया. जिला जज के आदेश के 7 दिन बाद मस्जिद का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया है.
कलैक्ट्रेट में बनी इस मस्जिद के ध्वस्तीकरण के लिए 4 बुलडोजर सुबह से ही लगातार काम में जुटे है. कलैक्ट्रेट के चारों ओर पुलिस और RAF की टीमें तैनात है. इलाके के पुलिस अधिकारियों के अलावा डीएम, एसएसपी और DIG मौके पर मौजूद है.
इमरान मसूद समेत सभी मुस्लिम नेता हाउस अरेस्ट किये गये है.



