जखनियां/भुड़कुड़ा, गाजीपुर : एक माह सत्रह दिन इंतजार के बाद दुबई से गांव पहुंचा विनोद यादव का पार्थिव शरीर, परिजनों में मचा कोहराम

एक माह सत्रह दिन इंतजार के बाद दुबई से गांव पहुंचा विनोद यादव का पार्थिव शरीर, परिजनों में मचा कोहराम
लखनऊ पहुंचने के बाद एंबुलेंस से पैतृक गांव अलीपुर मदंरा लाया गया शव, अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी क्षेत्रीय जनता की भीड़

जखनियां/भुड़कुड़ा, गाजीपुर। दुबई में रोजी-रोटी कमाने गए अलीपुर मदंरा (नवपुरा) निवासी विनोद यादव का पार्थिव शरीर आखिरकार करीब एक माह सत्रह दिन के समय बाद शनिवार को उनके पैतृक गांव पहुंचा। शनिवार की सुबह करीब 10 बजे पार्थिव शरीर लखनऊ पहुंचा, जहां से एंबुलेंस के माध्यम से उसे उनके पैतृक गांव लाया गया। दिन में लगभग 3 बजे शव गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। पार्थिव शरीर के पहुंचने की सूचना मिलते ही अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग उनके घर पहुंच गए।पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही पत्नी कुसुम देवी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजनों की करुण चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्रीय लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाते नजर आए।बताया जाता है कि विनोद यादव पुत्र मिश्री यादव, निवासी ग्राम अलीपुर मदंरा (नवपुरा), थाना भुड़कुड़ा, तहसील जखनियां, जनपद गाजीपुर, पिछले कई वर्षों से रोजगार के सिलसिले में सऊदी अरब/खाड़ी क्षेत्र में रहकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। परिजनों के अनुसार 13 जुलाई 2026 को गोली मारकर उनकी हत्या किए जाने की सूचना परिवार को मिली थी। सूचना मिलने के बाद से ही परिजन उनके पार्थिव शरीर को भारत लाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे थे।लंबे इंतजार के दौरान परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतक की पत्नी कुसुम देवी के सामने अपने तीन छोटे बच्चों—श्रुति यादव (9 वर्ष), शिवांगी यादव (7 वर्ष) और आलोक यादव (4 वर्ष) के पालन-पोषण की बड़ी जिम्मेदारी आ गई है। वहीं परिवार में बुजुर्ग ससुर मिश्री यादव (75 वर्ष) और सास मेवाती देवी (70 वर्ष) भी हैं। ऐसे में परिवार के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
सांसद अफजाल अंसारी के प्रयास से भारत आया शव
विनोद यादव के पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए परिजनों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे। इस मामले में गाजीपुर सांसद अफजाल अंसारी द्वारा भी पहल किए जाने की बात सामने आई है। परिजनों के अनुसार सांसद के प्रयास और संबंधित स्तर पर किए गए हस्तक्षेप के बाद करीब एक माह से अधिक समय के इंतजार के पश्चात विनोद यादव का पार्थिव शरीर भारत लाया जा सका।पार्थिव शरीर गांव पहुंचने के बाद परिवार को जहां एक ओर अपने प्रियजन के अंतिम दर्शन का अवसर मिला, वहीं लंबे इंतजार के बाद शव मिलने से दुख और गहरा हो गया। ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग की है।परिजनों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और कमाने वाले व्यक्ति के निधन के बाद बच्चों तथा बुजुर्ग माता-पिता के सामने जीवनयापन की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने की मांग की है। आज इस मौके पर जखनिया विधानसभा के पूर्व विधायक त्रिवेणी राम ग्राम प्रधान चलने राम लखन यादव भाजपा नेता अशोक यादव धर्मवीर भारद्वाज शमीम अंसारी मनोज यादव सहित तमाम ग्रामवासी क्षेत्र वासियों का हुजुम लगा रहा।



