गोरखपुर में अपराध चरम पर, जनता असुरक्षित: ब्रजेश कुमार गौतम

गोरखपुर में अपराध चरम पर, जनता असुरक्षित: ब्रजेश कुमार गौतम
समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक में उठी कानून-व्यवस्था पर आवाज
एक बूथ, 10 यूथ’ का दिया गया नारा

गोरखपुर। जिला समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक पार्टी के बेतियाहाता स्थित कार्यालय पर जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का कुशल संचालन जिला महासचिव रामनाथ यादव ने किया। इस दौरान संगठन को मजबूत करने के लिए ‘एक बूथ पर 10 यूथ’ बनाने, प्रत्येक सेक्टर में नियुक्त सेक्टर पर्यवेक्षकों तथा पीडीए प्रहरियों के कार्यों की समीक्षा की गई।
कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा:
अपराध में बढ़ोतरी: गोरखपुर में अपहरण, हत्या और बलात्कार जैसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं।
सुरक्षा पर सवाल: मुख्यमंत्री के अपने जनपद में रहने के दौरान ही अपहरण और हत्या जैसी वारदातें होना अपराधियों के बुलंद हौसलों को दर्शाता है।
जेल से फरार अपराधी: पुलिस प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि अपराधी जेल से फरार हो रहे हैं। जब पुलिस खुद विवादों और अपराधों में लिप्त रहेगी, तो जनता की सुरक्षा कौन करेगा?
जनता और किसान त्रस्त
ब्रजेश गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में ही जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, वहीं खाद्य और बीज की किल्लत से किसान बुरी तरह परेशान हैं।
2027 के लिए संगठन का संकल्प
बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की गई:
जातिवार बैठकें: पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) संयोजकों को सभी विधानसभा क्षेत्रों में जातिवार बैठकें कर रिपोर्ट पार्टी कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए।
बूथ मजबूती: जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने जा रही है। इसके लिए पीडीए समाज सहित सभी वर्गों को अपना बूथ मजबूत करना होगा।
भाजपा से हर वर्ग परेशान: व्यापारी, किसान और युवा—समाज का हर वर्ग इस सरकार को हटाना चाहता है क्योंकि लोकतंत्र आज खतरे में है।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने 2027 के चुनाव में पार्टी के सर्वप्रिय नेता अखिलेश यादव को पुनः मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
बैठक में पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश यादव, डॉ. मोहसिन खान, अवधेश यादव, प्रहलाद यादव, रामसिंह, दयाशंकर निषाद, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, कुंवर प्रताप सिंह, महेंद्र तिवारी, डॉ. संजय कुमार, अमरेन्द्र निषाद, मनुरोजन यादव, सुमन पासवान, संजय पहलवान, रामदरश विद्यार्थी, मैना भाई, मिर्जा कदीर बेग, मुन्नीलाल यादव, देवेंद्र भूषण निषाद, रामजतन यादव, दूधनाथ मौर्य, नरसिंह यादव, सुरेंद्र निषाद, शकील अंसारी, रवि प्रताप यादव, शिव कुमार दुबे, अखिलेश यादव, धनंजय सिंह सैथवार, राघवेंद्र तिवारी, राजू राजेश भारती, अजय कन्नौजिया, भृगुनाथ निषाद, अनूप यादव, सुनील मौर्य, नावेद मलिक, बृजनाथ मौर्य, धर्मराज यादव, महेंद्र निषाद, संजय यादव, सुरेंद्र मौर्य, सुनील यादव, मनीष कमांडो, अमरजीत यादव, चन्द्रभान यादव, मनोज पाण्डेय, रामजीत यादव, ईश्वर चन्द्र मद्धेशिया, सुशीला भारती, मृत्युंजय पांडे, छोटे लाल राजभर, कपिल मुनि यादव, रफीउल्लाह सलमानी, जयचन्द साहनी, पप्पू यादव, श्रीकांत यादव, जितेंद्र कुमार, डॉ. अछैवर रंजन, विक्की निषाद, सुधीर यादव, करूणा निधान, बालेन्द्र यादव, हरेंद्र हैरी, सहजाद अली, जोखन पाल, रमेश सोनकर, आबिद अली, छविनाथ यादव, शुभेंदु यादव, शकील शाही, अशोक, मोहम्मद सहजाद, मनोज निषाद, धनपत यादव, बल्लभ सहाय, फुलचंद विश्वकर्मा, मुन्ना हाशमी, रामप्रसाद शर्मा, तौफीक मुन्नु, अश्विनी गौड़, रमाशंकर यादव, राजेश सिंह सैथवार, तारकेश्वर पाल, दिलीप जायसवाल, रविन्द्र यादव, राधेश्याम यादव, सौरभ यादव, प्रकाश कुमार, आर. वी. यादव, आराधना, पूजा, हरिकेश, मंटु, भोला, अरुण और जयराम समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।


