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स्टेशन के सामने बिरयानी दुकान पर फूड विभाग का छापा

स्टेशन के सामने बिरयानी दुकान पर फूड विभाग का छापा

आलम मुरादाबादी हैदराबादी चिकन बिरयानी’ से सैंपल लिए गए, फूड लाइसेंस नहीं मिला; हानिकारक रंग और खराब गुणवत्ता वाले मीट की शिकायत पर जांच तेज

गोरखपुर। रेलवे स्टेशन के सामने स्थित ‘आलम मुरादाबादी हैदराबादी चिकन बिरयानी’ की दुकान पर बुधवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने छापेमारी की। विभाग को शिकायत मिली थी कि दुकान पर तैयार की जा रही बिरयानी में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है और मीट की गुणवत्ता भी मानकों के अनुरूप नहीं है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकान का निरीक्षण किया और बिरयानी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए।

छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने दुकान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के रखरखाव और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्टया बिरयानी में फूड कलर का इस्तेमाल पाया गया। हालांकि यह रंग खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, इसका अंतिम फैसला प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।

निरीक्षण के दौरान एक और बड़ी अनियमितता सामने आई। विभागीय अधिकारियों को दुकान पर वैध फूड लाइसेंस नहीं मिला। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। इस मामले में विभाग ने दुकान संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

कार्रवाई के संबंध में सहायक खाद्य आयुक्त सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि विभाग को मिली शिकायत के आधार पर यह छापेमारी की गई। जांच के दौरान बिरयानी के नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। लैब में नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस्तेमाल किया गया रंग अनुमन्य है या नहीं तथा खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है या नहीं।

उन्होंने बताया कि यदि जांच रिपोर्ट में यह साबित होता है कि बिरयानी में प्रतिबंधित अथवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक रंगों का प्रयोग किया गया है या मीट की गुणवत्ता खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बिना वैध फूड लाइसेंस कारोबार संचालित करने के मामले में भी अलग से कार्रवाई की जाएगी।

खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण और सैंपलिंग अभियान चलाए जाते हैं। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिया है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें, वैध लाइसेंस रखें और किसी भी प्रकार के हानिकारक या प्रतिबंधित पदार्थों का उपयोग न करें। फिलहाल इस मामले में सभी की निगाहें प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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