गाजीपुर : किसान दिवस में गूंजीं सिंचाई, बिजली और खाद की समस्याएं, सीडीओ ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश

किसान दिवस में गूंजीं सिंचाई, बिजली और खाद की समस्याएं, सीडीओ ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के निर्देश
विकास भवन में आयोजित बैठक में किसानों ने उठाए दर्जनों मुद्दे, कृषि यंत्र बुकिंग, फसल बीमा और सूखे से बचाव को लेकर भी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

गाजीपुर, 15 जुलाई। विकास भवन सभागार में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में प्रत्येक माह के तृतीय बुधवार को आयोजित होने वाली किसान दिवस बैठक संपन्न हुई। बैठक में उप कृषि निदेशक विजय कुमार, जिला कृषि अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसानों ने भाग लिया। बैठक में किसानों ने कृषि, सिंचाई, बिजली, सहकारिता, बैंकिंग, पशुपालन और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।बैठक के दौरान किसानों ने कृषि यंत्रों की बुकिंग की टोकन धनराशि का भुगतान न होने, सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध न होने, नई सहकारी समिति के निर्माण, पशुओं में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण, पशुओं की टैगिंग, सरकारी नलकूपों की मरम्मत तथा नहरों में पानी न आने जैसी समस्याएं रखीं। किसानों ने बताया कि कई माइनरों में पानी नहीं पहुंचने से धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही है।विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों में जर्जर बिजली के तार बदलने, ट्रांसफार्मर बदलने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति की मांग उठी। वहीं आपूर्ति विभाग के संबंध में किसानों ने आरोप लगाया कि सुहवल स्थित एक पेट्रोल पंप पर कृषि कार्य के लिए पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, मिर्जाबाद शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) न बनाए जाने की शिकायत भी बैठक में प्रमुखता से उठाई गई।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शिकायतों के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।उन्होंने किसानों से आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने, प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, फसल विविधीकरण करने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। साथ ही कृषि विभाग को उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक, आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नई तकनीकों के प्रति किसानों को नियमित रूप से जागरूक करने के निर्देश दिए।बैठक में उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग 16 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक कृषि विभाग के पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्षभर में चार से पांच बार कृषि यंत्रों की बुकिंग का अवसर दिया जाएगा और सभी किसान इसका लाभ उठा सकते हैं।सूखे की आशंका को देखते हुए किसानों को कम पानी वाली फसलों जैसे ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, सांवा, कोदो एवं रागी की खेती अपनाने की सलाह दी गई। कृषि विभाग ने बताया कि इन फसलों के बीज जनपद के निवेश केंद्रों पर उपलब्ध हैं तथा किसानों से इनका लाभ उठाने की अपील की गई।बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि पिछले वर्ष जनपद के लगभग 47 हजार किसानों ने इस योजना का लाभ लिया था तथा बाढ़ और चक्रवात से हुए नुकसान के एवज में 6,448 किसानों को 4.31 करोड़ रुपये का बीमा दावा प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने किसानों से खरीफ फसलों का समय से बीमा कराने की अपील भी की।इसके अलावा खेत तालाब योजना की जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष अभी भी पात्र किसानों के लिए आवेदन का अवसर उपलब्ध है। योजना के तहत खेत में तालाब निर्माण पर 52 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।बैठक में कृषि, उद्यान, पशुपालन, सिंचाई, विद्युत, राजस्व, सहकारिता, गन्ना, मत्स्य, कृषि रक्षा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

