जखनियां (गाजीपुर) : महारानी दुर्गावती का 462वां शौर्य दिवस जखनियां में धूमधाम से मनाया गया

महारानी दुर्गावती का 462वां शौर्य दिवस जखनियां में धूमधाम से मनाया गया
“महारानी दुर्गावती का शौर्य, स्वाभिमान और बलिदान देश की अमूल्य धरोहर, नई पीढ़ी उनके आदfर्शों से प्रेरणा ले” – रामनिवास गोंड


जखनियां (गाजीपुर)। अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा, तहसील इकाई जखनियां के तत्वावधान में शुक्रवार 26 जून को वीरांगना महारानी दुर्गावती का 462वां शौर्य दिवस प्राथमिक विद्यालय जखनियां परिसर में पूरे उत्साह, श्रद्धा और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुआ कार्यक्रम शाम 4 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोगों, पदाधिकारियों और युवाओं ने भाग लिया।कार्यक्रम का शुभारंभ महारानी दुर्गावती के चित्र पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। वक्ताओं ने उनके अद्वितीय शौर्य, राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान, त्याग और बलिदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने मातृभूमि और सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आज भी प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
इस अवसर पर अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामनिवास गोंड ने कहा कि “महारानी दुर्गावती केवल गोंड समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र की गौरवशाली वीरांगना हैं।
उनका शौर्य, स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति हमारी अमूल्य धरोहर है। आज आवश्यकता है कि नई पीढ़ी उनके जीवन संघर्ष, साहस और आदर्शों को जाने तथा उन्हें अपने जीवन में अपनाकर समाज और देश की सेवा के लिए आगे आए। शिक्षा, संगठन और सामाजिक एकता के माध्यम से ही समाज मजबूत होगा और यही महारानी दुर्गावती को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।”
कार्यक्रम में वक्ताओं ने समाज में शिक्षा के प्रसार, सामाजिक जागरूकता, आपसी भाईचारे और संगठन की मजबूती पर विशेष बल देते हुए युवाओं से समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष राम, जिला अध्यक्ष रमेश गोंड, पूर्व जिला अध्यक्ष गिरीश गोंड, उमेश, अनिल, लक्ष्मण, रामदुलार, मुन्ना, बाबूलाल, सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रमोद, जोगिया, कमलेश, हरिश्चंद्र, बबलू, गौरी शंकर, सुनील, सोनू, राजेंद्र, प्रकाश, निर्मल, सिपाही सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं समाज के लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का सफल संचालन फूलमान गोंड ने किया, जबकि अध्यक्षता रविंद्र नाथ गोंड ने की।आयोजकों ने बताया कि महारानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रसेवा का अद्भुत उदाहरण है।
उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने तथा समाज में शिक्षा, संगठन और सामाजिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष शौर्य दिवस का आयोजन किया जाता है। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने महारानी दुर्गावती के आदर्शों पर चलने तथा समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया।



