जखनिया : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे देश के सच्चे सिपाही – प्रमोद वर्मा

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे देश के सच्चे सिपाही – प्रमोद वर्मा

स्थानीय जखनिया। भाजपा जखनिया मंडल प्रथम के बूथ संख्या 242 पर भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष प्रमोद वर्मा के नेतृत्व में पार्टी के संस्थापक श्रध्देय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस कार्यकर्ताओं के साथ मनाया गया। उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको सादर नमन, वंदन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित किया गया। इस मौके पर प्रमोद वर्मा ने उनको स्मरण करते हुवे कहा कि महान सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी, शिक्षाविद और ‘भारतीय जनसंघ’ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्रभक्ति, अदम्य साहस और अखंड भारत के प्रति समर्पण की एक ऐसी अमर गाथा है, जो युगों-युगों तक भारत के युवाओं का मार्गदर्शन करती रहेगी। शिक्षा के क्षेत्र में उनकी प्रतिभा अद्भुत थी। मात्र 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति (Vice-Chancellor) बनने का गौरव उन्हें प्राप्त हुआ। वे शिक्षा को भारतीय संस्कृति और मूल्यों पर आधारित देखना चाहते थे। मुखर्जी का सबसे बड़ा योगदान भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने में रहा है। वे जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग मानते थे। उनका ऐतिहासिक नारा— “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी हमारे कानों में गूंजता है। आज जब हम अपने चारों ओर एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उभरते हुए देखते हैं, तो डॉ. मुखर्जी का सपना साकार होता नजर आता है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 का हटना और पूरे देश में एक निशान और एक विधान का लागू होना, वस्तुतः डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को देश की सबसे सच्ची श्रद्धांजलि है। इस मौके पर कुल भास्कर पांडेय, सोमन वर्मा, राजेश जायसवाल, बिंदु गुप्ता, वरुण पांडेय, अशोक कुशवाहा, प्रकाश राजभर, शैलेंद्र, पंकज, पियूष सहित प्रमुख लोगउपस्थित रहें।


