अग्निकांड के बाद एक्शन का आगाज

अग्निकांड के बाद एक्शन का आगाज
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार लोगों को तत्काल प्रभाव से
सस्पेंड किया गया।

1) गौरव कुमार, एक्सइएन कलेक्शन (बिजली विभाग) जानकीपुरम
2) कमलेन्द्र कुमार सिंह, FSSO (फायर विभाग) इंदिरा नगर
3) अनिल कुमार, AE (LDA)
4) प्रमोद पांडे, JE (LDA)
थाना अलीगंज में घटित घटना में अभियोग 115/2026 धारा 110 BNS, 105 BNS , 125 BNS , 3(5) BNS 6/10 उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम बनाम 6 अभियुक्त एवं अन्य जिम्मेदार के विरुद्ध पंजीकृत किया गया ।
तीन अभियुक्त
1. रामकृष्ण उपाध्याय पता MM 232 सेक्टर D d अलीगंज शिव मंदिर के पास,
2. वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला पुत्र रामेश्वर प्रसाद शुक्ला पता 536/265 A मदेयगंज नियर बड़ा दुर्गा मंदिर सीतापुर रोड लखनऊ उम्र 62 वर्ष,
3. तूशॉक कृष्णा जायसवाल पुत्र स्वर्गीय कृष्ण कुमार जायसवाल पता 441 R N/ 69 / 3 नीलकंठ हॉस्पिटल लेन बालागंज लखनऊ थाना ठाकुरगंज उमर 31 वर्ष को गिरफ्तार किया गया ।
लखनऊ के अलीगंज सेक्टर डी में जिस बिल्डिंग में भीषण आग लगी, उसके मालिक का नाम वीरेंद्र शुक्ला है. इस बिल्डिंग में मौजूद सभी सेंटर्स से किराया वसूलने और इसके संचालन का काम उनका बेटा अखिल शुक्ला करता था.
इस हादसे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण की टीम हरकत में आ गई है. एलडीए के विशेष कार्य अधिकारी देवांश त्रिवेदी की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है.
कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर एनओसी नहीं: अब एलडीए अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस के साथ भी साझा करने जा रहा है, ताकि बिल्डिंग मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके. चौंकाने वाली बात यह है कि इस बिल्डिंग से पुरनिया चौराहे को जोड़ने वाली मात्र 200 मीटर की सड़क पर 30 से 40 अवैध निर्माण किए गए हैं. इन अवैध निर्माणों में IAS की तैयारी कराने वाले कई मशहूर कोचिंग संस्थान और बड़े व्यावसायिक केंद्र शामिल हैं. इन सभी कमर्शियल बिल्डिंग्स में फायर एनओसी तक नहीं ली गई है.
चेतावनी को किया गया नजरअंदाज: एलडीए ने पूर्व में इन अवैध निर्माणों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति की, जिसका नतीजा आज इस बड़े हादसे के रूप में सामने आया है. बिल्डिंग के एक किराएदार तुशांक ने मकान मालिक की लापरवाही को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. तुशांक के मुताबिक, उन्होंने मार्च के महीने में ही मालिक के बेटे अखिल शुक्ला को बिजली की समस्या से अवगत कराया था. उन्होंने चेतावनी दी थी कि ओवरलोड के कारण लगातार एमसीबी (MCB) गिर रही है और फ्यूज गल रहे हैं.शॉर्ट सर्किट बना हादसे की वजह: किराएदारों ने मकान मालिक से बिजली की इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द दुरुस्त करने की मांग की थी. लेकिन मुनाफे के चक्कर में इस चेतावनी को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया. बताया जा रहा है कि आज लगी यह भीषण आग भी AC के अत्यधिक इस्तेमाल और ओवरलोड के कारण हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से ही लगी है. फिलहाल प्रशासन पूरी बिल्डिंग और आसपास के अवैध कमर्शियल सेंटर्स की बारीकी से जांच कर रहा है.
रिहायशी इलाके में व्यावसायिक खेल: शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक यह पूरी बिल्डिंग पूरी तरह अवैध बताई जा रही है. रिहायशी कॉलोनी (रेजिडेंशियल एरिया) होने के कारण इस बिल्डिंग में कमर्शियल एक्टिविटी के लिए नक्शा पास होने का कोई प्रावधान ही नहीं है. इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर सबसे नीचे पेट शॉप, ऊपर एनिमेशन सेंटर और गेमिंग जोन चलाया जा रहा था. इतना ही नहीं, इसी अवैध बिल्डिंग में एक कैंटीन और लाइब्रेरी का भी धड़ल्ले से संचालन किया जा रहा था.


