
गंगा में गिरने वाले नालों की टैपिंग और सीवरेज व्यवस्था में तेजी लाने के निर्देश
जिला गंगा समिति की बैठक में डीएम ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा
गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला गंगा समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में गंगा नदी को प्रदूषणमुक्त बनाने, सीवरेज व्यवस्था के विस्तार तथा गंगा में गिरने वाले नालों की टैपिंग संबंधी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।बैठक में उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के अधिकारियों ने बताया कि अमृत योजना के तहत गाजीपुर सीवरेज योजना फेज-1 और फेज-2 के अंतर्गत कुल 105.67 किलोमीटर सीवर नेटवर्क, 10,108 गृह संयोजन तथा दो इंटरमीडिएट पम्पिंग स्टेशन (आईपीएस) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। जिलाधिकारी ने योजना को जल्द हस्तांतरित करने और आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका गाजीपुर क्षेत्र में कुल 215 किलोमीटर सीवर नेटवर्क की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में 105.67 किलोमीटर नेटवर्क ही स्थापित किया गया है। नगर को पूर्ण रूप से सीवरेज व्यवस्था से जोड़ने के लिए अमृत 2.0 योजना के तहत लगभग 286.64 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिलाधिकारी ने इस प्रस्ताव पर शीघ्र कार्रवाई कराने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि नगर पालिका क्षेत्र के अंतर्गत 23 नाले गंगा नदी में प्रवाहित होते हैं, जिनका कुल डिस्चार्ज 26.84 एमएलडी आंका गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल सीवरेज नेटवर्क से इन नालों के प्रवाह को नहीं रोका जा सकता, इसके लिए नाला टैपिंग आवश्यक है। जिलाधिकारी ने साई मंदिर घाट से चीतनाथ घाट तक गंगा में गिरने वाले सात नालों की डीपीआर का परीक्षण कर संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत करने तथा पम्पिंग स्टेशन और पाइपलाइन के लिए भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए।सैदपुर नगर पंचायत के आठ नालों की टैपिंग के लिए 37.37 करोड़ रुपये तथा जमानियां नगर पालिका के तीन नालों की टैपिंग के लिए 20.42 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार कर मुख्यालय भेजी गई हैं। इन योजनाओं में एसटीपी, सीवर नेटवर्क और राइजिंग मेन निर्माण प्रस्तावित है। जिलाधिकारी ने स्वीकृति मिलते ही कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिए।बैठक में राज्य स्वच्छ गंगा मिशन की पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. शेफाली ने गंगा प्रदूषण से संबंधित नकारात्मक समाचारों के त्वरित निस्तारण और अद्यतन जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करने का सुझाव दिया। इस पर जिलाधिकारी ने जल निगम और संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित कर ऐसी शिकायतों का शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को गंगा में गिरने वाले नालों के जल की गुणवत्ता की नियमित जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन की निरीक्षण टीम की रिपोर्ट पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने नगर पालिका गाजीपुर, जमानियां तथा नगर पंचायत सैदपुर के सभी नालों पर स्क्रीनिंग जाली, ग्रिट चेंबर एवं कचरा अवरोधक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने बायो-रिमेडिएशन कार्यों में तेजी लाने तथा जनजागरूकता के लिए सूचना बोर्ड स्थापित करने पर भी जोर दिया।बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी, उपजिलाधिकारी सदर, सैदपुर एवं जमानियां, जल निगम के अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि तथा राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने जनपद में नाला टैपिंग और सीवरेज व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण (पीपीटी) तैयार कर अगली बैठक में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।



