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छत्तीसगढ़ : ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देगा वीबी-जी-राम-जी मिशन

ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देगा वीबी-जी-राम-जी मिशन

ग्रामीण परिवारों को अब मिलेगा 125 दिनों का रोजगार

शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़

बलरामपुर, 27 मई 2026/ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आजीविका संवर्धन एवं स्थायी विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 01 जुलाई 2026 से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम-2025 लागू किया जाएगा। जिले में इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा हैं।

जिले की सभी ग्राम पंचायतों में शिविरों, ग्राम सभाओं एवं विभिन्न जनजागरूकता माध्यमों के जरिए ग्रामीणों को योजना की जानकारी दी जा रही है। साथ ही योजना के उद्देश्यों, पात्रता, रोजगार प्रक्रिया एवं ग्राम पंचायतों की भूमिका के संबंध में भी ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।

वर्तमान में जिले में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत स्वीकृत पुराने कार्यों को तेजी से पूर्ण किया जा रहा है। इस संबंध में सभी जनपद पंचायतों को 15 जून 2026 तक अधिक से अधिक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि वर्षा ऋतु से पूर्व अधूरे कार्य पूरे किए जा सकें तथा बारिश के दौरान वृक्षारोपण, जल संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा सके।

केन्द्र शासन द्वारा लागू की जा रही नई योजना वीबी-जी-राम-जी के तहत अब प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान की जाएगी, जबकि पूर्व में मनरेगा के तहत यह सीमा 100 दिवस थी। योजना का मुख्य उद्देश्य केवल मजदूरी आधारित रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना विकास, आजीविका संवर्धन एवं जलवायु परिवर्तन से मुकाबला करने की क्षमता को मजबूत करना है।

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण परिवार ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोजगार के लिए आवेदन कर सकेंगे तथा आवेदन प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। निर्धारित समयावधि में रोजगार उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में पात्र हितग्राहियों को बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।

योजना के अंतर्गत मजदूरी भुगतान प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया गया है। श्रमिकों की मजदूरी राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक अथवा डाकघर खातों में अंतरित की जाएगी। योजना अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण, बाढ़ नियंत्रण, पशुपालन, मत्स्य विकास, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, जलवायु अनुकूल कार्य तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से ग्राम सभाओं की सहभागिता से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाएगा। साथ ही कार्यस्थलों पर श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल, छाया, प्राथमिक उपचार किट एवं छोटे बच्चों की देखभाल जैसी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष प्रावधान भी किए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीणों से योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने एवं ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की गई

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