लखनऊ मकबरा और मंदिर विवाद: लखनऊ में विवादित ढांचे के पास पुलिस फोर्स तैनात, हनुमान चालीसा पढ़ने की हुई थी कोशिश

लखनऊ मकबरा और मंदिर विवाद: लखनऊ में विवादित ढांचे के पास पुलिस फोर्स तैनात, हनुमान चालीसा पढ़ने की हुई थी कोशिश
बड़े मंगल से पहले मलिहाबाद के कसमंडी कलां गांव में विवादित ढांचे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। हनुमान चालीसा पढ़ने की घोषणा के बाद पुलिस बल तैनात किया गया है। इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है। पुरातत्व टीम के पहुंचने की संभावना है, जबकि विभिन्न संगठनों ने समर्थन अभियान तेज किया है।
मलिहाबाद के कसमंडी कलां गांव में बड़े मंगल को देखते हुए प्रशासन विवादित ढांचों की सुरक्षा बढ़ाते हुए बागों में पुलिस कर्मी तैनात किए हैं। साथ ही ढांचों के पास जाने से पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। बीते शनिवार को सुहेलदेव आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश पासी शाम लगभग साढ़े छह बजे दो पुराने ढांचे के पहुंच कर हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी।
साथ ही मंगलवार को फिर आकर हनुमान चालीसा पढ़ने की बात कही थी। जिसके बाद से प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। किसी प्रकार माहौल खराब करने वाली गतिविधियां न हो सके। मंगलवार को पुरातत्व की टीम पहुंचने की उम्मीद है। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि पुलिस बल सभी रास्तों के साथ बागों में भी तैनात है। सभी गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है।
नुक्कड़ सभा कर किला बचाने के लिए मांगा था समर्थन
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने सोमवार को मोहनलाल गंज सांसद आरके चौधरी, अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद, मछली शहर सांसद पप्रिया सरोज, कौशांबी सांसद पुष्पेंद्र सरोज से राज पासी राजा कंस पासी का किला बचाने के लिए वीडियो जारी साथ मांगा था। साथ ही हरदोई , सीतापुर जिलों में ग्रामीणों के साथ नुक्कड़ सभा कर किला बचाने के लिए साथ मांगा।
यह है विवाद
21 मई को सूरज पासी ने यह मुद्दा उठाया था कि कसमंडी में बना मकबरा और मस्जिद सन 980 से 1031 के दौरान राजपासी राजा कंस शिव मंदिर और किला था, जिसमें आज भी उसमें कई प्रकार की हिंदुओं की परम्परागत आकृतियां दीवारों पर बनी हैं।



