गोरखपुर : 10 करोड़ से अधिक परियोजनाओं की समीक्षा

10 करोड़ से अधिक परियोजनाओं की समीक्षा
डीएमदीपक मीणा की अध्यक्षता में बैठक,फोरलेन सड़क, रिंग रोड व फ्लाईओवर कार्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

गोरखपुर। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में 10 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शाश्वत त्रिपुरारी, एडीएम सिटी गजेन्द्र कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मुकुल खंडेलवाल, परियोजना निदेशक संदीप सिंह, पीडब्ल्यूडी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में डीएम ने जिले में चल रहे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स—फोरलेन सड़कों, रिंग रोड, बाईपास, फ्लाईओवर और एक्सप्रेसवे—की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जंगल कौड़िया फोरलेन सड़क के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए बताया कि राजघाट पुल से हाबर्ट बंधा होते हुए डोमिनगढ़, कोलिया और गाहासाढ़ बंधा के रास्ते जंगल कौड़िया-कालेसर मार्ग को जोड़ने वाली 4.07 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर लगभग 195 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य में तेजी लाई जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
गोरखपुर रिंग रोड परियोजना पर चर्चा करते हुए डीएम ने कहा कि 75 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट शहर को जाम से राहत देने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि विभिन्न पैकेजों में चल रहे कार्यों का समन्वय बेहतर किया जाए ताकि परियोजना समय पर पूर्ण हो सके।
इसके साथ ही रामगढ़ ताल रिंग रोड के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। स्मार्टव्हील से सहारा इस्टेट तक 4.8 किलोमीटर लंबी इस डबल रिंग रोड के किनारे 3700 मीटर लंबी रिटेनिंग वॉल और ड्रेनेज सिस्टम का निर्माण कराया जा रहा है। डीएम ने कहा कि यह परियोजना शहर की सुंदरता और पर्यटन को बढ़ावा देगी, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
सोनौली-गोरखपुर फोरलेन (NH-24) के कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराष्ट्रीय महत्व की इस सड़क को उच्च गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाए, जिससे नेपाल सीमा तक आवागमन सुगम हो सके।
बैठक में गोरखपुर बाईपास (नॉर्दर्न-ईस्ट साइड) के तहत 26.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास के निर्माण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। डीएम ने कहा कि इस बाईपास के बन जाने से शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आएगा।
भविष्य की परियोजना गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि 519 किलोमीटर लंबे इस एक्सेस-कंट्रोल हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिग्रहण कार्य में तेजी लाई जाए और प्रभावित लोगों से समन्वय बनाकर कार्य किया जाए।
इसके अलावा, नौसढ़-पैडलेगंज सिक्स लेन फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की प्रगति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि फ्लाईओवर लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ देवरिया बाईपास को जोड़ने वाला कनेक्टिंग फ्लाईओवर भी अंतिम चरण में है।
बैठक के दौरान धीमी प्रगति वाले कार्यों पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी और नियमित स्थलीय निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर करें।
अंत में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि गोरखपुर को आधुनिक और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी परियोजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।



