गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल के लिए पंपों पर लगी लंबी कतार, दिनभर परेशान रहे लोग

गोरखपुर में पेट्रोल-डीजल के लिए पंपों पर लगी लंबी कतार, दिनभर परेशान रहे लोग
गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर गोरखनाथ क्षेत्र के लक्ष्मीपुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर वाहनों की लाइन करीब आधा किलोमीटर तक पहुंच गई। बेतियाहाता स्थित पेट्रोल पंप पर तेल खत्म होने के बाद भी लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। बाद में कर्मचारियों के समझाने पर लोग वहां से हटे।
पेट्रोल-डीजल की किल्लत की आशंका के बीच शुक्रवार को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़ रही। कई स्थानों पर लंबी कतारें लगी रहीं, जबकि कुछ पंपों पर तेल खत्म होने के बाद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।शहर में पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विभाग का दावा है कि किल्लत दूर करने के लिए 200 टैंकर मंगाए गए हैं। यूनिवर्सिटी के पास स्थित पेट्रोल पंप पर दिनभर वाहनों की भीड़ लगी रही।
गोरखपुर-सोनौली मार्ग पर गोरखनाथ क्षेत्र के लक्ष्मीपुर स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम पंप पर वाहनों की लाइन करीब आधा किलोमीटर तक पहुंच गई। बेतियाहाता स्थित पेट्रोल पंप पर तेल खत्म होने के बाद भी लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। बाद में कर्मचारियों के समझाने पर लोग वहां से हटे।काली मंदिर के पास स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से लगातार पेट्रोल वितरण होने के कारण कर्मचारियों को बीच में ब्रेक लेना पड़ा। हालांकि, देर रात तक शहर के अधिकांश पंपों पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध रहा। जिन पंपों पर आपूर्ति नहीं पहुंची थी, वहां लोग देर रात तक आते-जाते रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही रही। सिकरीगंज क्षेत्र के हरदत्तपुर स्थित भारत पेट्रोलियम पंप पर तेल पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सड़क तक लंबी कतार लगने से कुछ देर के लिए जाम की स्थिति बन गई। अमोढ़ा पेट्रोल पंप पर भी करीब एक सप्ताह बाद पेट्रोल-डीजल पहुंचने पर भारी भीड़ जुटी।शहर और देहात के पेट्रोल पंपों की लगातार निगरानी की जा रही है। आपूर्ति बढ़ाने के लिए 200 टैंकर मंगाए गए हैं, जिससे लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी: रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
सरसों तेल व रिफाइंड के बढ़े दाम, लोग परेशानलगातार बढ़ती महंगाई के बीच अब खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। बाजार में सरसों तेल और रिफाइंड के दाम में अचानक पांच से 10 रुपये तक की बढ़ोतरी होने से रसोई का बजट बिगड़ गया है। वहीं, चावल के दाम में भी प्रति किलो करीब पांच रुपये तक की वृद्धि दर्ज की गई है।बीते कुछ दिनों में थोक बाजार में खाद्य तेलों के दाम बढ़े हैं, जिसका असर खुदरा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। सरसों तेल और रिफाइंड के दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों पर पड़ रहा है। सरसों तेल का दाम पांच रुपये बढ़कर 170 से 175 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
वहीं, रिफाइंड तेल की कीमत 145 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर लगभग 155 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। इसके साथ ही चावल के दाम में भी प्रति किलो करीब पांच रुपये की बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।व्यापारी संजय सिंहानिया ने बताया कि अरहर दाल के दाम में भी एक रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत 112 से बढ़कर 113 रुपये प्रति किलो हो गई है। हालांकि, आटे का दाम फिलहाल स्थिर है।व्यापारियों का कहना है कि एक तरफ दाम बढ़े हैं, दूसरी ओर खपत कम करने और खरीदारी घटाने की अपील की जा रही है। इससे कारोबार प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
बोले व्यापारीयदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। अगर लोगों ने तेल का प्रयोग कम कर दिया तो व्यापार में नुकसान होगा: पवन सिंहानिया, व्यापारीयुद्ध के कारण लगातार सभी वस्तुओं के दाम बढ़ रहे हैं। इससे आम लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी प्रभावित हो रहे हैं: अजय गुप्ता, दुकानदार



