पीएम मोदी के भाषण की 10 खास बातें: लखपति दीदी से लेकर नारी शक्ति की चर्चा, विपक्ष पर सियासी तीर चलाए

पीएम मोदी के भाषण की 10 खास बातें: लखपति दीदी से लेकर नारी शक्ति की चर्चा, विपक्ष पर सियासी तीर चलाए

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पीएम मोदी ने 54वां दाैरा है। उन्होंने करोड़ों की योजनाओं और परियोजनाओं की शुरुआत की। इसके बाद नारी सशक्तीकरण को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। कहा कि परिवारवादी दल महिलाओं को आगे नहीं आने देना चाहते।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक है। आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, उद्यमिता और रक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही हैं और देश की प्रगति को नई दिशा दे रही हैं। उनकी बढ़ती भागीदारी न केवल आर्थिक विकास को गति दे रही है, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी आधार बन रही है।
सरकार का लक्ष्य महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकें। विभिन्न योजनाओं और नीतियों के माध्यम से महिलाओं को अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण की मुख्य धारा में मजबूती से जुड़ सकें।
“हर-हर महादेव” से शुरुआतप्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ की, जो काशी की आस्था और परंपरा का प्रतीक है। इस उद्घोष ने पूरे पंडाल में उत्साह का माहौल बना दिया। उन्होंने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है, जहां हर कार्य भगवान शिव के आशीर्वाद से शुरू होता है।
काशी की आध्यात्मिक पहचानउन्होंने काशी को माता श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी और मां गंगा की भूमि बताते हुए इसकी दिव्यता का वर्णन किया। पीएम ने कहा कि यह नगरी भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का केंद्र है। यहां की परंपराएं और आस्था पूरे देश को जोड़ने का काम करती हैं।
नारी वंदन सम्मेलन का महत्वप्रधानमंत्री ने इस सम्मेलन को नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण का उत्सव बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना देश का विकास अधूरा है। यह आयोजन महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
स्वयं सहायता समूह और “लखपति दीदी”उन्होंने बताया कि देश की 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं और 3 करोड़ महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह बदलाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रहा है।
सुकन्या समृद्धि योजना का प्रभावप्रधानमंत्री ने सुकन्या समृद्धि योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बेटियों के भविष्य को सुरक्षित किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से परिवार बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए बचत कर पा रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आया है।



