आजमगढ़ : घूसखोरी की पड़ चुकी थी आदत, ग्राम सेक्रेट्री ने खोल रखी थी अपनी निजी ऑफिस, रखे गए थे निजी कर्मचारी, मृतक आश्रित में नौकरी पाने के बाद भी था बेधड़क

आजमगढ़ : घूसखोरी की पड़ चुकी थी आदत, ग्राम सेक्रेट्री ने खोल रखी थी अपनी निजी ऑफिस, रखे गए थे निजी कर्मचारी, मृतक आश्रित में नौकरी पाने के बाद भी था बेधड़क
संवाददाता संतोष पाण्डेय इंडिया नाउ 24 ब्यूरो की खास रिपोर्ट.
आजमगढ़ जनपद में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम विकास अधिकारी और एक रोजगार सेवक को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी सेक्रेट्री को पिता की सड़क हादसे में मौत के बाद मृतक आश्रित में कुछ साल पहले ही नौकरी मिली थी। लेकिन पैसा कमाने की हवस सवार हो गई। बकायदा क्षेत्र में एक निजी ऑफिस भी खोल लिया था। 3 निजी कर्मचारी भी काम करते थे। क्षेत्र में काफी चर्चा थी। पूर्व प्रधान अमित यादव जब परेशान हुए तब शिकायत की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 मार्च 2026 को समय करीब 12:50 बजे भ्र०नि०सं० (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) आजमगढ़ इकाई की ट्रैप टीम ने शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की। शिकायतकर्ता अमित कुमार यादव पुत्र चन्द्रिका यादव निवासी ग्राम पूराबालनरायन, पोस्ट रामगढ़, ब्लॉक हरैया, थाना रौनापार, तहसील सगड़ी ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानी कार्यकाल में कराए गए खड़ंजा, इंटरलॉकिंग और पक्की नाली निर्माण के कार्यों से संबंधित बिल पास कराने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाकर आरोपी ग्राम विकास अधिकारी शशिकान्त सोनकर तथा रोजगार सेवक (संविदा कर्मी) चन्द्रेश यादव को ₹10,000 रिश्वत लेते



