नीट रद्द; गेस पेपर में आए 410 में से 120 सवाल परीक्षा में आए थे, लीक की जांच अब CBI करेगी

नीट रद्द; गेस पेपर में आए 410 में से 120 सवाल परीक्षा में आए थे, लीक की जांच अब CBI करेगी
नीट एक ऑफलाइन परीक्षा है, जो ग्रेजुएट स्तर पर मेडिकल संस्थानों में एडमिशन के लिए आयोजित कराई जाती है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) इसका आयोजन करती है। पहले इस परीक्षा को अखिल भारतीय प्री मेडिकल परीक्षा (AIPMT) के नाम से जाना जाता था, लेकिन साल 2017 से नीट ने एआईपीएमटी की जगह ले ली है।
केंद्र सरकार ने नीट यूटी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी है। सरकार ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। नीट परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी एनटीए ने एक बयान जारी कर बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया गया है। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। हालांकि पेपर लीक की आशंका के चलते यह सवालों के घेरे में आ गई थी। एनटीए ने कहा है कि जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का एलान कर दिया जाएगा। पेपर लीक की जांच करेगी सीबीआईनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि उन्हें जांच एजेंसियों से जो इनपुट मिले, उनके आधार पर पता चला कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता। परीक्षा की नई तारीखें, एडमिट कार्ड का शेड्यूल आदि जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से बता दिया जाएगा। एनटीए ने बताया कि सरकार ने अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी।
राजस्थान से हुआ पेपर लीक मामले का खुलासा?3 मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा होने के बाद से ही पेपर लीक की आशंका गहराने लगी थी। राजस्थान में कई छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ एक कथित गेस पेपर मिला, जिसके सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते बताए गए। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सीकर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा एक करियर काउंसलर भी शामिल है।
NTA ने क्या कहा था?रविवार को NTA ने कहा था कि प्रश्न-पत्रों को GPS ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजा गया था। उन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क मौजूद था। परीक्षा केंद्रों की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम से AI असिस्टेड CCTV सिस्टम के जरिए की गई। सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया गया और केंद्रों पर 5G जैमर लगाए गए।



