यूपी में सपा का ‘शक्ति’ दांव: फूलन देवी की बहन रुक्मणी निषाद को महिला सभा की कमान, 2027 के लिए ‘पेंशन’ वाला मास्टरस्ट्रोक!

यूपी में सपा का ‘शक्ति’ दांव: फूलन देवी की बहन रुक्मणी निषाद को महिला सभा की कमान, 2027 के लिए ‘पेंशन’ वाला मास्टरस्ट्रोक!

लखनऊ: मिशन 2027 के लिए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी बिसात बिछा दी है। ‘आधी आबादी’ को साधने और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के समीकरण को जमीन पर उतारने के लिए सपा ने एक बड़ा भावनात्मक और रणनीतिक दांव खेला है।
प्रमुख नियुक्तियां और रणनीतिक बदलाव
नयी प्रदेश अध्यक्ष: पूर्व सांसद ‘बैंडिट क्वीन’ स्व. फूलन देवी की बड़ी बहन रुक्मणी निषाद को समाजवादी महिला सभा का उत्तर प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व: जूही सिंह महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बरकरार हैं, जो संगठन के विस्तार की निगरानी कर रही हैं।
अखिलेश यादव के ‘बड़े वादे’: महिलाओं के लिए पिटारा खुला
आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा प्रमुख ने महिला मतदाताओं के लिए लोकलुभावन घोषणाओं की झड़ी लगा दी है:
40,000 रुपये सालाना: सपा की सरकार बनने पर गरीब महिलाओं को हर साल 40,000 रुपये की ‘सपा पेंशन’ दी जाएगी।
रानी लक्ष्मीबाई योजना: पूर्ववर्ती सपा सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को फिर से शुरू करने का संकल्प लिया गया है।
PDA पर फोकस: रुक्मणी निषाद की नियुक्ति से निषाद समाज और पिछड़े वर्गों को सीधे तौर पर जोड़ने की कोशिश की गई है।
विशेष विश्लेषण: क्यों अहम है रुक्मणी निषाद की नियुक्ति?
”रुक्मणी निषाद को आगे कर सपा ने न केवल निषाद वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है, बल्कि फूलन देवी के संघर्षों की विरासत के सहारे पिछड़ों और अति-पिछड़ों के बीच एक मजबूत संदेश भेजने का प्रयास किया है।”



