राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की राम लला की आरती, ‘श्री राम यंत्र’ की हुई स्थापना

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की राम लला की आरती, ‘श्री राम यंत्र’ की हुई स्थापना
नवरात्रि के पहले दिन राष्ट्रपति ने अयोध्या में राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और वैदिक मंत्रों के बीच राम यंत्र की स्थापना की। यह विशेष यंत्र तमिलनाडु में तैयार होकर यात्रा के बाद यहां लाया गया। सोने की परत चढ़ा यह यंत्र मंदिर के द्वितीय तल पर स्थापित किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को रामलला के दर्शन किए। राम दरबार में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। राम मंदिर परिसर को भी देखा। राष्ट्रपति ने राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना की। उन्होंने राम दरबार की आरती की। राम मंदिर के निर्माण प्रभारी गोपाल ने उन्हें राम दरबार में स्थापित मूर्तियों के बारे में जानकारी दी।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक करीब 20 सांस्कृतिक मंच लगाए गए। इनमें 250 कलाकारों ने रामायण और रामभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं। छोटे मंचों पर 7-7 कलाकारों ने, जबकि बड़े मंचों पर 15 कलाकारों ने प्रस्तुति दी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी देशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या में होना मेरे जीवन का कृतार्थ करने वाला पल है। मैं यहां पर आकर गौरवांवित हूं।
राम मंदिर हमें हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ता है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आज दुनिया भर में युद्ध चल रहे हैं पर हम लोग आज राम मंदिर में श्रीराम यंत्र की स्थापना के इस आनंदमयी कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं। यही तो रामराज्य की अनुभूति है इसलिए ही तो कहा जाता है कि हमारा भारत वर्ष साधु-संतों की भूमि है।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का मंदिर अब एक राष्ट्र मंदिर बन चुका है। ये हमारे लिए अत्यंत गौरव का पल है।
राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में मां अमृतानंदमयी ने कहा, भगवान राम के जीवन से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है।
उन्होंने बेटे, भाई और पति सभी दायित्वों का निर्वहन अच्छे से किया। उनका जीवन त्याग और आदर्श से भरा रहा है। राम यंत्र भी उसी ज्ञान का प्रतीक है।
राष्ट्रपति के स्वागत के लिए एयरपोर्ट से राम मंदिर गेट तक करीब 20 सांस्कृतिक मंच लगाए गए। इनमें 250 कलाकारों ने रामायण और रामभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं।



