गाजीपुर : टीबी मरीजों को बाहर की दवा न दी जाए, हेल्थ वेलनेस सेंटर पूरी तरह क्रियाशील रहें: जिलाधिकारी

टीबी मरीजों को बाहर की दवा न दी जाए, हेल्थ वेलनेस सेंटर पूरी तरह क्रियाशील रहें: जिलाधिकारी

गाजीपुर, 27 फरवरी 2026। अविनाश कुमार, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय, राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम एवं अंतर्विभागीय समन्वयक समिति की बैठक सम्पन्न हुई।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों को सरकारी दवा की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा जांच के प्रति जागरूक किया जाए। किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए। उन्होंने विशेष सघन अभियान चलाकर नागरिकों को टीबी के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान समय से किए जाने, सभी तहसीलों में एमओवाईसी द्वारा नियमित बीएचएनडी बैठकें आयोजित करने तथा हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओपीडी संचालन नियमित रखने तथा सीएचओ एवं एनएम की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। चिकित्सा अधीक्षकों को हेल्थ वेलनेस सेंटरों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत संस्थागत प्रसव, निःशुल्क भोजन, दवा, ड्रॉप-बैक सुविधा एवं प्रसव के बाद 48 घंटे तक रुकवाने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त ओपीडी-आईपीडी, एफआरयू, आरबीएसके कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवा, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आईडी प्रगति, मातृत्व मृत्यु दर, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सभी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए और कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे।बैठक में परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनील पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एनएचएम), समस्त एमओवाईसी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।



