गोरखपुर : पूर्वांचल का बढ़ा मान, सांसद रवि किशन को अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच पर अहम भूमिका

पूर्वांचल का बढ़ा मान, सांसद रवि किशन को अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच पर अहम भूमिका
रवि किशन को मिली बड़ी जिम्मेदारी: 18वीं लोकसभा में भारत–मलेशिया संसदीय मैत्री समूह के सदस्य नामित
गोरखपुर के लोकप्रिय सांसद और अभिनेता रवि किशन शुक्ल को 18वीं लोकसभा की अवधि के लिए भारत–मलेशिया संसदीय मैत्री समूह (India–Malaysia Parliamentary Friendship Group) का सदस्य नामित किया गया है। यह निर्णय Om Birla द्वारा उनके दीर्घकालिक संसदीय अनुभव, सक्रिय सहभागिता और जनसेवा के प्रति समर्पण को देखते हुए लिया गया है। यह नामांकन गोरखपुर सहित पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।
संसदीय मैत्री समूह का उद्देश्य भारत और Malaysia के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करना, द्विपक्षीय व्यापारिक सहयोग को प्रोत्साहित करना तथा सांस्कृतिक, शैक्षिक और सामाजिक आदान-प्रदान को विस्तार देना है। इस समूह में दोनों देशों के सांसद शामिल होते हैं, जो संसदीय स्तर पर आपसी समझ बढ़ाने और सहयोग के नए क्षेत्र तलाशने का कार्य करते हैं। रवि किशन शुक्ल का इस समूह में शामिल होना भारत–मलेशिया संबंधों को नई ऊर्जा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अपने संसदीय कार्यकाल के दौरान सांसद रवि किशन ने विकास, रोजगार सृजन, संस्कृति संरक्षण, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मुद्दों पर लगातार सक्रिय भूमिका निभाई है। गोरखपुर में सड़क, रेल, मेडिकल सुविधाओं और रोजगार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उनका दूरदर्शी दृष्टिकोण और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता इस जिम्मेदारी के लिए प्रमुख आधार बना है।
नामांकन पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने लोकसभा अध्यक्ष के प्रति आभार जताया और कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय संसदीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने गोरखपुर और पूर्वांचल की जनता का धन्यवाद किया, जिनके समर्थन से वे निरंतर कार्य कर रहे हैं।
यह नामांकन गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है। अब रवि किशन अंतरराष्ट्रीय मंच पर क्षेत्र की आवाज बनेंगे, जिससे न केवल भारत–मलेशिया संबंधों को मजबूती मिलेगी बल्कि पूर्वांचल के विकास और पहचान को भी वैश्विक स्तर पर नई दिशा मिलने की उम्मीद है। सांसद के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर उत्साह का माहौल है और वे इसे उनकी मेहनत और जनता के विश्वास का परिणाम बता रहे हैं।



