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1090 चौराहा: अमूल के नाम पर ‘अवैध वसूली’ का खेल, पैकेटों से MRP और एक्सपायरी डेट गायब

1090 चौराहा: अमूल के नाम पर ‘अवैध वसूली’ का खेल, पैकेटों से MRP और एक्सपायरी डेट गायब

​लखनऊ। नवाबों के शहर का सबसे पसंदीदा हैंगआउट जोन यानी गोमती नगर का 1090 चौराहा और रिवर फ्रंट इन दिनों फूड फ्रॉड का नया केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने यहाँ ब्रांडेड आइसक्रीम बेचने वाले वेंडर्स की काली करतूतों को उजागर किया है।

🚨 वायरल वीडियो में क्या है?
​वायरल वीडियो में एक जागरूक ग्राहक ने अमूल आइसक्रीम के ठेलों पर बेची जा रही पैकेट्स की पोल खोली है। वीडियो के अनुसार:
​गायब हैं जरूरी जानकारियां: ठेले पर बिक रही आइसक्रीम के पैकेटों पर न तो MRP (अधिकतम खुदरा मूल्य) दर्ज है और न ही मैन्युफैक्चरिंग या एक्सपायरी डेट लिखी है।
​मनमानी वसूली: पैकेट पर कीमत न होने का फायदा उठाकर दुकानदार ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
​ग्राहकों से बदसलूकी: सवाल उठाने पर दुकानदार गोलमोल जवाब देते और बहस करते नजर आ रहे हैं।

⚖️ नियमों की सरेआम धज्जियां
​बिना जरूरी जानकारियों (जैसे MRP, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट) के किसी भी खाद्य सामग्री को बेचना खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) और विधिक माप विज्ञान अधिनियम (Legal Metrology Act) का सीधा उल्लंघन है।

स्वास्थ्य से खिलवाड़: एक्सपायरी डेट न होने के कारण ग्राहकों को सड़ी या खराब हो चुकी आइसक्रीम परोसी जा रही है, जो फूड पॉइजनिंग का बड़ा कारण बन सकती है।

ब्रांड की साख पर बट्टा: अमूल जैसे भरोसेमंद ब्रांड के नाम पर चल रहे इन ठेलों के कारण कंपनी की छवि को भी भारी नुकसान पहुँच रहा है। आशंका जताई जा रही है कि यह नकली या मिसब्रांडेड प्रोडक्ट्स का गिरोह भी हो सकता है।

🗣️ जनता में भारी आक्रोश: उठ रही कार्रवाई की मांग
​इस वीडियो के सामने आने के बाद लखनऊ की जनता में भारी गुस्सा है। सोशल मीडिया पर लोग लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस, FSSAI और नगर निगम को टैग कर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बड़ा सवाल: 1090 चौराहे और रिवर फ्रंट जैसे वीआईपी इलाकों में, जहाँ हर वक्त पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी रहती है, वहाँ नाक के नीचे अधिकारियों को ठगी का यह खेल क्यों दिखाई नहीं दिया?

अब देखना यह है कि खाद्य सुरक्षा विभाग इन जालसाज दुकानदारों पर कब शिकंजा कसता है और क्या इन ठेलों को आइसक्रीम सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर तक जांच की आंच पहुँचती है या नहीं।

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