योगी कैबिनेट विस्तार: कृष्णा पासवान बनीं मंत्री, दलित के साथ महिला कार्ड पर भाजपा ने चला दांव

योगी कैबिनेट विस्तार: कृष्णा पासवान बनीं मंत्री, दलित के साथ महिला कार्ड पर भाजपा ने चला दांव
: योगी कैबिनेट में शामिल होने वाले नए चेहरों में लगातार तीसरी बार विधायक बनीं कृष्णा पासवान दलित नेता हैं। दलित वोट, विशेषकर पासवान वोट पर उनकी अच्छी पकड़ है।
यूपी की योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर रविवार को विराम लग गया। आज विस्तार में छह विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच यह विस्तार राजनीतिक संदेश देने वाला है।
2027 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले इस मंत्रिमंडल विस्तार में जातीय समीकरण साधने के लिहाज से नाम तय किए गए हैं। मध्य यूपी में महिला के साथ साथ दलित वोट बैंक को साधने के लिए फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाया गया है।
दलित प्रतिनिधित्व का दांव
कृष्णा पासवान दलित समाज, विशेषकर पासवान समुदाय में प्रभाव रखने वाली नेता मानी जाती हैं। पूर्वांचल और मध्य यूपी में पासवान वोट बैंक को साधने के लिए भाजपा ने उन्हें मंत्री बनाया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा 2027 से पहले हर उस सामाजिक समूह को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, जहां विपक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यानी, दलित समाज के साथ-साथ महिला कार्ड पर भी भाजपा अपना दांव खेल रही है।
पासवान बिरादरी का प्रभाव कई सीटों पर निर्णायक
मध्य यूपी और बुंदेलखंड से सटे इलाकों में पासवान बिरादरी का प्रभाव कई सीटों पर निर्णायक माना जाता है। भाजपा पिछले कुछ वर्षों से गैर-जाटव दलित और गैर-यादव पिछड़े वर्ग को अपने साथ मजबूती से जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। कृष्णा पासवान की ताजपोशी को सिर्फ मंत्री पद नहीं, बल्कि दलित सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की रणनीतिक चाल माना जा रहा है।



