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भिटौरा ओम घाट के 108 फीट माँ गंगा मंदिर का हुआ था शिलान्यास, तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद ना हो सका मंदिर का निर्माण

भिटौरा ओम घाट के 108 फीट माँ गंगा मंदिर का हुआ था शिलान्यास, तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद ना हो सका मंदिर का निर्माण

उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार 9 वर्षों में फतेहपुर की जनता का सपना ना कर पाई साकार

परियोजनाओं की घोषणा कर जनता की बढ़ाई गई उम्मीदें पर ना हो पाई एक भी साकार

फतेहपुर की जनता मांगे अपने एक वोट का अधिकार, घोषित परियोजनाएं आखिर कब लेंगी दोआबा की धरती पर आकार

जनपद वासी भर रहे हुंकार स्पष्ट समय सीमा हो घोषित ताकि हो सके निर्माण

फतेहपुर। भिटौरा स्थित ओम घाट (बलखंडी घाट) में 108 फीट ऊंचे माँ गंगा मंदिर के निर्माण का शिलान्यास 15 मई 2023 को बड़े समारोह के साथ किया गया था। उस समय इसे विश्व का सबसे ऊंचा माँ गंगा मंदिर बताया गया था। परियोजना का नाम “संकल्प सिद्धि धाम” रखा गया था और दावा किया गया था कि इससे भिटौरा राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर उभरेगा। घोषणा के अनुसार मंदिर परिसर में 108 फीट ऊंची माँ गंगा की प्रतिमा/मंदिर, धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र, श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं तथा पर्यटन विकास के माध्यम से स्थानीय रोजगार सृजन जैसी योजनाएं शामिल थीं।
लेकिन जून 2026 तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार मंदिर का निर्माण पूरा होने, उद्घाटन होने या नियमित दर्शन शुरू होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है। स्थानीय स्तर पर भी यह मुद्दा समय-समय पर उठता रहा है कि शिलान्यास के बाद परियोजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी। मालूम रहे कि भिटौरा स्थित ओम घाट (बलखंडी घाट) में प्रस्तावित 108 फीट ऊंचे मां गंगा मंदिर की परिकल्पना और निर्माण का संकल्प रेवांताचल ट्रस्ट ने लिया था। ट्रस्ट के संरक्षक आलोक पाण्डेय और ट्रस्ट की टीम ने इसे “संकल्प सिद्धि धाम” परियोजना के रूप में आगे बढ़ाया।
मंदिर की आधारशिला (शिलान्यास) 15 मई 2023 को रखी गई थी। इस कार्यक्रम में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तथा कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह उपस्थित रहे थे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?

भिटौरा का ओम घाट ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां गंगा तट, ऋषि भृगु से जुड़ी मान्यताएं और धार्मिक आयोजन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं। यदि 108 फीट का गंगा मंदिर बनता है तो यह फतेहपुर जिले की पहचान बदल सकता है और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा दे सकता है।

श्री जगन्नाथ मंदिर परियोजना पर भी उठ रहे सवाल

इसी प्रकार जनपद में श्री जगन्नाथ मंदिर निर्माण की घोषणा भी बड़े स्तर पर की गई थी। मंदिर परिसर के लिए भव्य प्रवेश द्वार (गेट) का निर्माण तो कराया गया, लेकिन मुख्य मंदिर निर्माण कार्य अब तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा है। इससे स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा लगातार बनी हुई है कि आखिर घोषित या प्रस्तावित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा क्यों नहीं किया जा रहा है।

जनपदवासियों का कहना है कि विकास एवं धार्मिक पर्यटन से जुड़ी योजनाओं की घोषणा के साथ-साथ उनका क्रियान्वयन भी उतना ही आवश्यक है। यदि घोषित या प्रस्तावित परियोजनाएं वर्षों तक अधूरी रहती हैं तो जनता के बीच निराशा का माहौल बनता है और शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होते हैं।

जनपदवासियों की प्रमुख मांगें
माँ गंगा मंदिर निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए।

परियोजनाओं की स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए।
सरकार एवं संबंधित ट्रस्ट/विभाग नियमित प्रगति रिपोर्ट जारी करें।

ओम घाट को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए और श्री जगन्नाथ मंदिर सहित अन्य घोषित या प्रस्तावित योजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए।

भव्य घोषणाओं, भूमि पूजन और शिलान्यास के बावजूद 108 फीट ऊंचे माँ गंगा मंदिर का सपना अभी तक साकार होता नहीं दिख रहा है। वहीं श्री जगन्नाथ मंदिर परियोजना की प्रगति को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल हैं। जनपद की जनता अब घोषणाओं से आगे बढ़कर धरातल पर परिणाम देखने की अपेक्षा रखती है। लोगों का मानना है कि यदि घोषित या प्रस्तावित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाता है तो इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि फतेहपुर की पहचान और विकास को भी नई दिशा मिलेगी।

Balram Singh
India Now24

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