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परिवहन विभाग में बड़ी कार्यवाही

परिवहन विभाग में बड़ी कार्यवाही

*दो मोटरयान निरीक्षक निलंबित विभागीय कार्यवाही शुरू*

*भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस,होगी विजलेंस जाँच*

*नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं:परिवहन आयुक्त*

*जाँच में पोर्टल एवं कागजी डाटा की गहन जाँच की गई*

*कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा: परिवहन आयुक्त*

*परिवहन आयुक्त ने बस्ती में ड्राइविंग लाइसेंस में गड़बड़ी पर दो मोटरयान निरीक्षक को किया निलंबित*

लखनऊ: 01 सितंबर, 2026

बस्ती के उप संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने में अनियमितता के मामले में परिवहन आयुक्त ने कार्रवाई की है। मोटरयान निरीक्षक संजय कुमार दास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि मोटरयान निरीक्षक सीमा गौतम के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए है। दोनों अधिकारियों के खिलाफ सतर्कता जांच के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ को पत्र भेजा है।

आरोपों की जांच में संजय कुमार दास दवारा 785 और सीमा गौतम दवारा 213 ड्राइविंग लाइसेंस बिना जरूरी जांच-पड़ताल के मंजूर किए जानें का मामला सामने आने पर उक्त कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि कुल 998 लाइसेंस ऐसे पाए गए, जिनमें तय प्रक्रिया के मुताबिक आवश्यक जांच नहीं की गई।

मामले की विस्तृत जांच के दौरान बस्ती कार्यालय के कम्प्यूटरीकृत रिकॉर्ड और NIC लखनऊ से मिले डाटा की जांच की गई। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त 2026 को प्रस्तुत की गई।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि जांच में सामने आया कि प्रदेश में 1 अप्रैल 2013 से ड्राइविंग लाइसेंस ऑनलाइन सारथी पोर्टल के जरिए जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद बस्ती कार्यालय में 1 अप्रैल 2013 के बाद जारी कुछ लाइसेंसों को बैकलॉग किया गया।

लाइसेंस आवेदन को मंजूरी देने से पहले सारथी पोर्टल पर उपलब्ध ‘Extract of Driving Licence’ और ‘Application Personal Details’ का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया गया। कई मामलों में पुराने ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी भी आवेदन के साथ अपलोड नहीं की गई।
इसके अलावा, ड्राइविंग लाइसेंस में पता बदलने के लिए किए गए कई आवेदनों में लगाए गए पते के प्रमाणों का भी जरूरी सत्यापन नहीं कराया गया।

*नियमविरुद्ध जारी लाइसेंस रद्द होगा*

परिवहन आयुक्त ने बताया कि जांच में नियमविरुद्ध पाए गए ड्राइविंग लाइसेंसों को रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।मामले में सेवा प्रदाता कंपनी के जिन कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है, उन्हें सेवा से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और उसकी सिक्योरिटी (बैंक गारंटी) जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में लापरवाही, नियमों की अनदेखी या किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच में सामने आए सभी मामलों में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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