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*वार्षिकोत्सव पुरातन छात्र सम्मेलन का हुआ आयोजन*

*वार्षिकोत्सव पुरातन छात्र सम्मेलन का हुआ आयोजन*

कैंपियरगंज, गोरखपुर।राजकीय हाई स्कूल नवापार कैंपियरगंज गोरखपुर में शिक्षा विभाग एवं जिला विद्यालय निरीक्षक गोरखपुर के आदेश के अनुपालन में वार्षिक उत्सव, पुरातन छात्र सम्मेलन एवं वर्ष पर्यंत चले विभिन्न शैक्षिक एवं सह शैक्षिक कार्यक्रमों में स्थान प्राप्त छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉक्टर आनंद कुमार पांडेय ,असिस्टेंट प्रोफेसर राजनीति शास्त्र विज्ञान राजकीय महाविद्यालय सहसों बस्ती एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा सरस्वती जी के प्रतिमा पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया ।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अध्यक्ष शिक्षक संघ डॉक्टर आशुतोष मिश्र, उमेश चंद्र शुक्ल, परवेज आलम , महेश प्रसाद , ज्ञानेश्वर पांडेय एवं वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला गोरखपुर की वैज्ञानिक चित्रा सिंह अब्दुल कलाम साइंस सेंटर के वैज्ञानिक चंद्र मौली उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने खेलकूद प्रतियोगिता बैडमिंटन, कबड्डी, खो खो, कुर्सी दौड़ ,चित्रकला में अपनी प्रतिभा प्रदर्शित किया। इन कार्यक्रमों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्मृति चिह्न , कार्यपुस्तिका , पेन, पानी की बोतल आदि देकर पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपने उद्धबोधन में अध्यक्ष डॉक्टर आशुतोष मिश्र ने कहा कि बच्चों का प्रदर्शन अत्यंत प्रशंसनीय है। मैंने इस विद्यालय के विकास का क्रम देखा है । यहां का शैक्षिक माहौल बच्चों के वास्तविक विकास का निसंदेह माध्यम बन रहा है। छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ शैक्षिक माहौल का होना अत्यंत आवश्यक है, जो इस विद्यालय में बच्चों को निःसंदेह मिल रहा है। मुझे विश्वास है कि इस विद्यालय के पढ़े हुए बच्चे अपने जीवन में जरुर सफल होंगे।

उमेश शुक्ल ने विद्यालय की प्रशंसा की और बताया कि मेरे गुरु इस विद्यालय के शिक्षक हैं। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला की वैज्ञानिक चित्रा सिंह ने कहा की समस्याएं हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करती हैं । वे बेहतर करने का माध्यम भी हैं ।ऐसी स्थिति में समर्पण ही कार्य को प्रभावी बनाता है। अच्छे कार्य का श्रेय शिक्षकों एवं प्रधानाचार्य को जाता है और वे सभी प्रशंसा के पात्र हैं। बच्चों की प्रतिभा सराहनीय है । हमें मालूम है कि सरकारी विद्यालय अल्प सुविधाओं से युक्त है फिर भी संकल्प और समर्पण ही प्रभावी स्वरूप प्रदान करता है। उन्होंने दिव्यांग अरुणिमा के सफलता की कहानी भी बच्चों को सुनाई। कलम साइंस सेंटर के वैज्ञानिक डॉक्टर चंद्रमौली जी ने कहा कि मनुष्य का शरीर बड़े भाग्य से मिला है। इसका हमें सदुपयोग करने की जरूरत है । उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों के स्कूलों के साथ मैंने कार्य किया है। मेरी पढ़ाई लिखाई राजकीय विद्यालय से हुई है । इतने अल्प संसाधनों में राजकीय स्कूल में इतना शानदार कार्यक्रम हो रहा है यह अपने आप में प्रशंसनीय है। विद्यालय में जब कुछ मिलेगा तो कई अन्य स्कूलों को छोड़कर बच्चे यहां आएंगे। उन्होंने विद्यालय को कलाम साइंस सेंटर के रूप में विकसित करने का आश्वासन दिया तथा विद्यालय में कलाम साइंस सेंटर की ओर से साइंस लैब स्थापित करने की शुरुआत कर दिया। इसके अंतर्गत उन्होंने विद्यालय में टेलीस्कोप एवं अन्य वैज्ञानिक उपकरण विद्यालय को उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि कलाम साइंस सेंटर की ओर से पूरे भारत में 56 केंद्र संचालित है। राजकीय हाई स्कूल नवापार में इस क्षेत्र का पहला केंद्र स्थापित हो रहा है। उन्होंने आगे भी और वैज्ञानिक उपकरण उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने अगले वर्ष डिपार्मेंट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी अहमदाबाद में बच्चों को प्रतिभाग़ कराए जाने तथा वहां स्थापित साइंस सिटी में विजिट कराने का आश्वासन दिया। शशांक कुमार द्विवेदी प्रधानाचार्य राजकीय अभिनव विद्यालय ने कहा कि हमारे संसाधन अत्यंत सीमित है और उसमें हम अपना बेहतर से बेहतर देने का प्रयास करते हैं। इसके साथ ही बच्चों की प्रतिभा को निखारने मे अपना हर संभव योगदान देते रहते हैं। मुख्य अतिथि डॉक्टर आनंद कुमार पांडेय ने कहा कि यह उम्र अच्छे से पढ़ने, खेलने और खाने की है। अच्छा मन आधा विद्यालय में और आधा घर पर बनता है। उनका कहना था कि प्राइवेट विद्यालय 90% काम अभिभावकों से कराने की कोशिश करते हैं तथा 10% काम ही विद्यालयों में होता है, जबकि सरकारी विद्यालय सब कुछ स्वयं विद्यालय में ही कराते हैं। सरकारी विद्यालय कम से कम संसाधनों में अपने कार्य को स्वयं करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बारे में निहित स्वार्थ के वशीभूत भ्रम फैलाया जा रहा है कि वहां कार्य नहीं हो रहा है सरकारी विद्यालय एक तरह से निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं सरकारी कर्मचारी की जवाब देही सभी के प्रति होती है वर्तमान समय में इस क्षेत्र में समाज के लोगों की प्रतिभागिता बढ़ाने का कार्य सरकार ने प्रारंभ कर दिया है हमें नैतिक आत्म बल के साथ अपना कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से करना है आज का यह मंच छात्र-छात्राओं के लिए आंगन नहीं है बल्कि आगे बढ़ने का सशक्त माध्यम है इस संदर्भ में उन्होंने चार्ली चैप्लिन का उदाहरण देते हुए कार्यक्रम का समापन प्रधानाचार्य योगेंद्र प्रताप गुप्ता के अध्यक्ष उद्बोधन के साथ हुआ उन्होंने शिक्षकों अभिभावकों एवं आगंतुकों के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित किया और कहा कि आप सभी के सहयोग और मार्गदर्शन से यह कार्यक्रम प्रभावी हुआ है। इसके लिए हम आपके आभारी हैं। कार्यक्रम का संयोजन विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक जय प्रकाश ओझा तथा संचालन डॉक्टर दुर्गेश शाही ने किया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में निगमानंद अग्रहरि एवं बृजेश कुमार की भूमिका अत्यंत प्रशंसनीय रही।

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