गोरखपुर में मानवता की मिसाल: पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार को दिया 42 लाख का सहारा, 3 बहनों के नाम 10-10 लाख की FD

गोरखपुर में मानवता की मिसाल: पुलिसकर्मियों ने पीड़ित परिवार को दिया 42 लाख का सहारा, 3 बहनों के नाम 10-10 लाख की FD

गोरखपुर। कोतवाली थाना क्षेत्र में 10 साल की बच्ची के साथ हुई जघन्य वारदात के बाद जिले के पुलिसकर्मियों ने मानवता और एकजुटता की मिसाल पेश की है। पीड़ित परिवार की मदद के लिए सभी पुलिसकर्मियों ने अपना एक दिन का वेतन देने का फैसला किया था। उसी राशि से परिवार को बड़ी आर्थिक सहायता दी गई है।
परिवार को मिला आर्थिक संबल
गोरखपुर पुलिस के मुताबिक, पीड़ित परिवार को तत्काल जरूरतों के लिए माता-पिता के बैंक खाते में *12 लाख रुपये* की नकद सहायता भेजी गई है।
वहीं बच्ची की तीन बहनों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनके नाम *10-10 लाख रुपये की FD* कराई गई है। सबसे छोटी बहन का आधार कार्ड न बनने के कारण अभी उसका खाता नहीं खुल सका है। पुलिस ने बताया कि खाता खुलते ही उसके नाम पर भी 10 लाख की FD करा दी जाएगी। इस तरह कुल 42 लाख रुपये की सहायता सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा सरकार की योजनाओं के तहत भी परिवार को मदद दी गई है।
क्या था मामला?
यह घटना 28 जुलाई की रात की है। 10 साल की बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को खाना देने गई थी। रात करीब 8:30 बजे वह अस्पताल पहुंची और रात 10 बजे के आसपास खाना खिलाकर घर के लिए निकली, लेकिन घर नहीं पहुंची।
परिवार ने तलाश शुरू की और जिला अस्पताल परिसर में खोजबीन की। कोई जानकारी न मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। परिजनों ने बताया कि अस्पताल के CCTV में वर्दी पहना एक व्यक्ति बच्ची को बाइक पर ले जाता दिखा।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने घर छोड़ने के बहाने बच्ची को बाइक पर बैठाया था।
29 जुलाई को कोतवाली थाने में गुमशुदगी की FIR दर्ज हुई। पुलिस ने 10 टीमें लगाईं और CCTV फुटेज व बाइक नंबर के आधार पर आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने वारदात कबूल की और शव को नदी में छिपाने की बात बताई।
30 जुलाई को पुलिस आरोपी को लेकर बताए गए स्थान पर पहुंची और करीब 36 घंटे बाद बच्ची का शव बरामद किया। पोस्टमार्टम में शरीर पर चोट के निशान और गर्दन की हड्डी टूटने की बात सामने आई। पुलिस की मौजूदगी में राजघाट पर बच्ची का अंतिम संस्कार कराया गया।
आरोपी सिपाही बर्खास्त
पुलिस ने 31 जुलाई को आरोपी सिपाही अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी गाजीपुर का रहने वाला है और करीब 35 साल का है। विवेचना पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया है। इसके बाद आरोपी सिपाही को पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।



