गोरखपुर में घरेलू गैस के नाम पर ‘बड़ा खेल’, खाली सिलेंडर का वजन देख उपभोक्ता हैरान!

गोरखपुर में घरेलू गैस के नाम पर ‘बड़ा खेल’, खाली सिलेंडर का वजन देख उपभोक्ता हैरान!
मजबूरी का फायदा उठा रहे हॉकर: 14 किलो के खाली सिलेंडर को बता रहे 18 किलो, पानी या लिक्विड का गहराया शक
महानगर और आस-पास के इलाकों में इन दिनों घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं की मजबूरी का फायदा उठाकर ब्लैक मार्केटिंग और घटतौली का एक बड़ा खेल सामने आ रहा है। जिन उपभोक्ताओं का गैस अचानक खत्म हो जा रहा है, वे ऊंचे दामों पर ब्लैक में सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। लेकिन खेल सिर्फ कीमतों का नहीं, बल्कि सिलेंडर के वजन का भी है।
क्या है पूरा मामला?
आमतौर पर एक खाली घरेलू गैस सिलेंडर (Tare Weight) का वजन लगभग 14 किलो 200 ग्राम होता है। लेकिन इन दिनों गैस डिलीवरी करने वाले कुछ हॉकर उपभोक्ताओं की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि जब वे गैस खत्म होने पर इमरजेंसी में सिलेंडर ले रहे हैं, तो हॉकर खाली सिलेंडर का वजन ही 18 किलो बता रहे हैं।
बड़ा सवाल: अगर खाली सिलेंडर का वजन कंपनी के मानक (14.2 kg) से 3 से 4 किलो ज्यादा आ रहा है, तो आखिर उस सिलेंडर के अंदर ऐसा क्या है? क्या सिलेंडर में गैस की जगह पानी भरा हुआ है, या फिर कोई अन्य भारी लिक्विड डालकर उपभोक्ताओं की जेब पर डाका डाला जा रहा है?
ब्लैक का खेल और उपभोक्ताओं की लाचारी
गैस रीफिलिंग की बुकिंग के बाद समय पर डिलीवरी न मिलने या अचानक गैस खत्म होने की स्थिति में जनता परेशान हो जाती है। इसी लाचारी का फायदा उठाकर हॉकर मनमाने दामों पर ब्लैक में सिलेंडर बेच रहे हैं। ऊपर से वजन में हेरफेर करके सीधे तौर पर आम जनता से धोखाधड़ी की जा रही है।
जांच की उठ रही मांग
इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद अब स्थानीय प्रशासन और खाद्य एवं रसद विभाग (Supply Department) से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस एजेंसियों और हॉकरों के इस गठजोड़ की जांच होनी चाहिए कि आखिर खाली सिलेंडर का वजन 18 किलो कैसे हो गया?



