गोरखपुर अगले महीने बन जाएगा भजन संध्या स्थल, चिलुआताल घाट पर बहेगी भक्तिमय सुरों की बयार

गोरखपुर अगले महीने बन जाएगा भजन संध्या स्थल, चिलुआताल घाट पर बहेगी भक्तिमय सुरों की बयार
भजन संध्या स्थल पर एक साथ 1014 लोग बैठकर भजन सुन सकेंगे। भजन संध्या स्थल पर एक विशाल स्थायी मंच बनाया जा रहा है, जिससे कलाकार भजनों की प्रस्तुति करेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जा रही है। पूरा आयोजन क्षेत्र आरसीसी छत से आच्छादित होगा। इससे विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकेंगे।
शहर के उत्तरी छोर पर नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किए गए चिलुआताल के किनारे जल्द ही आध्यात्मिक माहौल मिलेगा। इसके लिए करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से चिलुआताल घाट पर भजन संध्या स्थल बन रहा है। वह अगस्त माह तक बनकर तैयार हो जाएगा। निर्माण के बाद चिलुआताल घाट पर भक्तिमय सुरों की बयार भी बहने लगेगी।
रामगढ़ताल की तर्ज पर पर्यटन विकास कार्यों के जरिये चिलुआताल का कायाकल्प कराया गया है। 20 करोड़ 39 लाख रुपये की लागत से चिलुआताल का सौंदर्यीकरण कराने के साथ ही यहां भजन संध्या स्थल का निर्माण कराया जा रहा है। इससे लोगों को घाट पर सैर सपाटे के साथ भजन सुनने का भी आनंद प्राप्त होगा।
भजन संध्या स्थल पर एक साथ 1014 लोग बैठकर भजन सुन सकेंगे। भजन संध्या स्थल पर एक विशाल स्थायी मंच बनाया जा रहा है, जिससे कलाकार भजनों की प्रस्तुति करेंगे। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए सीढ़ीनुमा श्रोता दीर्घा बनाई जा रही है। पूरा आयोजन क्षेत्र आरसीसी छत से आच्छादित होगा। इससे विपरीत मौसम में भी श्रोता भजनों का आनंद ले सकेंगे।
यहां कलाकारों के लिए ग्रीन रूम बनाया जाएगा। टायलेट ब्लॉक, पेयजल पोस्ट और पार्किंग की समुचित व्यवस्था भी होगी। स्थल का माहौल प्राकृतिक हो, इसके लिए पौधरोपण और लैंड स्केपिंग भी कराई जाएगी। स्थल की दीवारों को स्प्रिचुअल म्यूरल पेंटिंग्स (आध्यात्मिक चित्रों) से सजाया जाएगा।
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक नीरज गुप्ता ने बताया कि तेजी से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया



