गाजीपुर : स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने को कार्यशाला आयोजित

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को योजनाओं से जोड़ने को कार्यशाला आयोजित
स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन और वित्तीय समावेशन पर जोर; आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरित की गईं वेइंग मशीनें

गाजीपुर, 25 अगस्त 2026। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशन में दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शासन की विभिन्न लाभकारी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से विकासखंड बिरनो और मरदह में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, वित्तीय समावेशन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। संबंधित अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों ने महिलाओं को उनके लिए संचालित योजनाओं, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और मिलने वाले लाभों की विस्तार से जानकारी दी। महिलाओं से अपील की गई कि वे स्वयं योजनाओं का लाभ लेने के साथ ही गांव एवं आसपास की अन्य पात्र महिलाओं को भी जागरूक करें।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय में वृद्धि कर सकती हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र समूह सदस्यों को विभिन्न विभागों की योजनाओं से जोड़ने के लिए आपसी समन्वय से कार्य किया जाए, ताकि लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। विकासखंड स्तर पर कई परिवारों को समूहों से जोड़ा भी गया है। महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनकी आर्थिक गतिविधियों को बाजार से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।कार्यक्रम के उपरांत परिसर में विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए हस्तनिर्मित उत्पादों के प्रदर्शनी स्टॉलों का मुख्य विकास अधिकारी ने अवलोकन किया। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित उत्पादों, महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों तथा स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली। समूह की महिलाओं से संवाद कर उत्पादन, बिक्री और आय के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए उन्होंने उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार उपलब्धता को लेकर आवश्यक सुझाव दिए।इस दौरान बैंक प्रबंधकों के साथ बैठक कर स्वयं सहायता समूहों के लिए नए ऋण की स्वीकृति की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पात्र समूहों को ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए वित्तीय सहयोग दिलाने पर जोर दिया।कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वेइंग मशीनों का वितरण भी किया गया। इससे आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के वजन एवं पोषण संबंधी गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।कार्यशाला में उपस्थित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने योजनाओं, ऋण सुविधा एवं स्वरोजगार के अवसरों से संबंधित जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाना तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना रहा।

