अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित,बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा, बच्चों को मिले शिक्षा और सुरक्षित बचपन : अभिषेक सिंह

अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित,बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा, बच्चों को मिले शिक्षा और सुरक्षित बचपन : अभिषेक सिंह
गाजीपुर, 12 जून 2026। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर विकास खण्ड सदर के ब्लॉक सभागार में सहायक श्रम आयुक्त गाजीपुर के तत्वावधान में बाल श्रम उन्मूलन, बालकों के शिक्षा एवं संरक्षण के अधिकार तथा बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारम्भ सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, उद्योग प्रतिनिधियों, व्यापारिक एवं श्रमिक संगठनों तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत कर किया। उन्होंने कहा कि बाल श्रम समाज के समग्र विकास में गंभीर बाधा है तथा प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानपूर्ण बचपन उपलब्ध कराना समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा शिक्षा के अधिकार संबंधी कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।कार्यशाला में प्रतिभागियों ने बाल श्रम उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने, विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान, उनके पुनर्वास तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विचार-विमर्श किया। सभी ने बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग का संकल्प लिया।सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि संशोधित बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम-2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से किसी भी व्यवसाय, दुकान, प्रतिष्ठान अथवा फैक्ट्री में कार्य कराना पूर्णतः प्रतिबंधित है। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कारावास और आर्थिक दंड का प्रावधान है।कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) की संयुक्त टीम ने हॉट-स्पॉट क्षेत्रों में अभियान चलाकर दो प्रतिष्ठानों पर चार किशोर श्रमिकों का चिह्नांकन किया तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी की। साथ ही बाजारों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया गया।समापन अवसर पर सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह ने जनपदवासियों से अपील की कि कहीं भी बाल श्रम या बच्चों के शोषण की सूचना मिलने पर तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा श्रम विभाग को सूचित करें, ताकि बच्चों को संरक्षण प्रदान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।



