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जखनिया तहसील में कैंटीन निर्माण को लेकर बवाल, अधिवक्ताओं के विरोध पर बदली गई जगह

पार्क की भूमि पर निर्माण कराने का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने किया विरोध, एसडीएम और तहसीलदार से हुई तीखी नोकझोंक

जखनिया तहसील में कैंटीन निर्माण को लेकर बवाल, अधिवक्ताओं के विरोध पर बदली गई जगह

पार्क की भूमि पर निर्माण कराने का आरोप लगाकर अधिवक्ताओं ने किया विरोध, एसडीएम और तहसीलदार से हुई तीखी नोकझोंक

 

अधिवक्ताओं के विरोध के बाद प्रशासन ने लिया निर्णय, अब दूसरी जगह कराया जाएगा कैंटीन का निर्माण

जखनिया (गाजीपुर)।तहसील जखनिया परिसर में मंगलवार को नवनिर्मित कैंटीन के निर्माण के लिए भूमि पूजन के दौरान विवाद खड़ा हो गया। कैंटीन निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थल को पार्क की भूमि बताते हुए जखनियां तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने विरोध जताया। देखते ही देखते मौके पर अधिवक्ताओं की भीड़ जुट गई और प्रशासन के निर्णय के खिलाफ नाराजगी बढ़ने लगी। इस दौरान अधिवक्ताओं और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे तहसील परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया। अंततः अधिवक्ताओं के विरोध को देखते हुए उप जिलाधिकारी अतुल कुमार, तहसीलदार नीरज चतुर्वेदी एवं संबंधित अधिकारियों ने कैंटीन का स्थान बदलकर दूसरी जगह निर्माण कराने का निर्णय लिया। इसके बाद मामला शांत हुआ।प्राप्त जानकारी के अनुसार, तहसील परिसर में कैंटीन निर्माण को लेकर भूमि पूजन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। इस दौरान तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित स्थल पर निर्माण को लेकर आपत्ति जताई। अधिवक्ताओं का कहना था कि जिस स्थान पर कैंटीन का निर्माण कराया जा रहा है, वह पार्क की भूमि है। उनका आरोप था कि परिसर में अन्य स्थानों पर भी खाली जमीन उपलब्ध है, ऐसे में पार्क की भूमि पर कैंटीन का निर्माण कराया जाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से निर्माण स्थल बदलने की मांग की।कैंटीन निर्माण के विरोध में अधिवक्ता लामबंद हो गए और उन्होंने भूमि पूजन की कार्रवाई पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस दौरान अधिवक्ताओं और उप जिलाधिकारी के बीच बातचीत हुई, लेकिन बात बढ़ने पर माहौल गरमा गया। मौके पर तीखी बहस और झड़प जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रस्तावित स्थल से कैंटीन हटाने की मांग पर जोर दिया। उनका कहना था कि तहसील परिसर में निर्माण कार्य कराते समय अधिवक्ताओं की सुविधाओं के साथ-साथ परिसर के उपयोग और उपलब्ध भूमि की स्थिति का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।विरोध बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं से बातचीत की और उनकी आपत्तियों पर विचार किया। इसके बाद कैंटीन का निर्माण प्रस्तावित स्थल पर न कराकर दूसरी जगह कराने का निर्णय लिया गया। प्रशासन के इस फैसले के बाद विरोध कर रहे अधिवक्ता शांत हुए और मौके पर उत्पन्न तनाव की स्थिति समाप्त हुई।इस संबंध में उप जिलाधिकारी जखनिया अतुल कुमार से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि तहसील परिसर में खाली जमीन उपलब्ध होने के कारण वहां कैंटीन का निर्माण कराने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, अधिवक्ता बंधुओं द्वारा प्रस्तावित स्थल पर विरोध जताए जाने के बाद निर्माण का स्थान बदलने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कैंटीन का निर्माण वहां नहीं कराया जाएगा, बल्कि दूसरी जगह कराया जाएगा। उनके अनुसार, अधिवक्ताओं की आपत्ति के बाद मामले को बातचीत के माध्यम से हल कर लिया गया है।कैंटीन निर्माण के विरोध के दौरान तहसील के वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। विरोध जताने वालों में सतीश श्रीवास्तव, ओमकार यादव, संतोष सिंह, अशोक कनौजिया, अखिलानंद सिंह, संजय पांडेय, पप्पू यादव, राजेंद्र यादव, अच्छे चौहान, रमेश चौहान, हरिवंश सिंह, सत्येंद्र गिरी, अमित सिंह, जयप्रकाश यादव, अमलेश शर्मा, अतेंद्र सिंह, मोहम्मद आलम, निसार अहमद और शिवपूजन चौहान प्रमुख रूप से शामिल रहे। इसके अलावा तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदुलार राम तथा महामंत्री नर्वदेश्वर सिंह उर्फ मिंटू सहित अन्य अधिवक्ता भी मौजूद रहे।तहसील परिसर में कैंटीन निर्माण को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद प्रशासन द्वारा स्थान परिवर्तन का निर्णय लिए जाने से फिलहाल मामला शांत हो गया है। अब कैंटीन का निर्माण किस स्थान पर कराया जाएगा, यह प्रशासन द्वारा निर्धारित किया जाएगा।

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