Breaking Newsभारत

गोरखपुर खोवा मंडी में हड़कंप: खाद्य विभाग की रेड की भनक लगते ही दुकानें धड़ाधड़ बंद, मिलावटी खोवे के खेल पर उठे सवाल

गोरखपुर खोवा मंडी में हड़कंप: खाद्य विभाग की रेड की भनक लगते ही दुकानें धड़ाधड़ बंद, मिलावटी खोवे के खेल पर उठे सवाल

​गोरखपुर की ऐतिहासिक खोवा मंडी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम के पहुंचने से पहले ही खोवा व्यापारी अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भाग खड़े हुए। मंडी में अचानक पसरे सन्नाटे और दुकानों पर लटके तालों को देख दूर-दराज से खोवा खरीदने आए व्यापारी और आम ग्राहक दिनभर परेशान रहे।

​लीक हुई रेड की खबर: सुरक्षा या डर?

मंडी के सूत्रों के अनुसार, खाद्य विभाग की टीम के पहुंचने से चंद मिनट पहले ही व्यापारियों के पास ‘छापेमारी’ की गुप्त सूचना पहुंच गई। व्हॉट्सएप ग्रुप्स और फोन कॉल्स के जरिए फैली इस खबर के बाद देखते ही देखते पूरी मंडी खाली हो गई। सवाल यह उठ रहा है कि अगर विभाग की कार्रवाई गोपनीय थी, तो इसकी जानकारी व्यापारियों तक समय रहते कैसे पहुंच गई?
​ग्राहकों में चर्चा: ‘
अगर खोवा शुद्ध था, तो दुकानें बंद क्यों हुईं?’
मंडी पहुंचे खरीदारों को जब खोवा नहीं मिला, तो तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का सीधा कहना है:
​शुद्धता पर बड़ा सवाल: अगर मंडी में बिकने वाला खोवा पूरी तरह शुद्ध और मानकों के अनुरूप था, तो व्यापारियों को जांच का सामना करने के बजाय भागने की जरूरत क्यों पड़ी?
​मिलावट का डर: दुकानों का अचानक बंद होना इस बात की ओर इशारा करता है कि त्योहारों और मांग के सीजन में बड़े पैमाने पर मिलावटी या केमिकल युक्त खोवा खपाने की तैयारी थी।
​ग्राहकों की परेशानी: शादी-विवाह और त्योहारों के लिए थोक में खोवा लेने पहुंचे दूर-दराज़ के व्यापारी खाली हाथ लौटने पर मजबूर हुए।
​खाद्य विभाग की इस कार्रवाई और सूचना लीक होने के मामले ने अब गोरखपुर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button