Breaking Newsभारत

मां ने छोड़ दिया… लेकिन किस्मत ने उन्हें डॉ. कोमल यादव जैसी मां दे दी।

मां ने छोड़ दिया… लेकिन किस्मत ने उन्हें डॉ. कोमल यादव जैसी मां दे दी।

कभी-कभी रिश्ते खून से नहीं, इंसानियत से बनते हैं।

जब एक मां ने जन्म लेते ही अपनी नवजात जुड़वां बेटियों को बेसहारा छोड़ दिया, तब 29 वर्षीय डॉ. कोमल यादव ने वह किया, जिसकी कल्पना भी हर कोई नहीं कर सकता। उन्होंने बिना किसी झिझक के दोनों मासूम बच्चियों को गोद लेने का फैसला किया और उन्हें अपना नाम, अपना घर और सबसे बढ़कर अपना प्यार दे दिया।

अस्पताल प्रशासन ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन डॉ. कोमल अपने फैसले पर अडिग रहीं। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वह दोनों बेटियों को अपने गांव ईसानपुर (गुलावठी) लेकर पहुंचीं, जहां पूरे गांव ने तालियों और दुआओं के साथ उनका स्वागत किया।

लेकिन सबसे ज्यादा लोगों का दिल उनके उस एक वादे ने जीता, जब उन्होंने कहा—

“मैं शादी उसी व्यक्ति से करूंगी, जो इन दोनों बेटियों को भी पूरे दिल से अपनाएगा।”

यह सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि मातृत्व, जिम्मेदारी और इंसानियत की सबसे खूबसूरत मिसाल है।

आज डॉ. कोमल यादव ने यह साबित कर दिया कि मां बनने के लिए जन्म देना जरूरी नहीं, बल्कि किसी बच्चे को अपना लेना सबसे बड़ा प्रेम होता है।

दो मासूम बच्चियों को नया परिवार, नया भविष्य और एक मां का स्नेह देने वाली डॉ. कोमल यादव को दिल से सलाम। ऐसे लोग समाज को उम्मीद देते हैं और हमें याद दिलाते हैं कि इंसानियत आज भी जिंदा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button