16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा पर 4 दुर्लभ योग

16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा पर 4 दुर्लभ योग
16 जुलाई को जगन्नाथ रथ यात्रा पर दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहे है। 27 वर्ष बाद इस प्रकार के 4 शुभ योगों का महासंयोग बन रहा है। इस दिन वाईजय योग, वज्र योग, आषाढ़ शुक्ल द्वितीया और श्लेषा नक्षत्र के एक साथ बनने से यह रथ यात्रा कुछ खास है।
*वाईजय योग-* यात्रा और विजय के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।
*द्वितीया तिथि-* आषाढ़ शुक्ल पक्ष की यह तिथि रथयात्रा का मूल आधार है।
*श्लेषा नक्षत्र-* धार्मिक आयोजन की आध्यात्मिकता ऊर्जा व प्रभाव बढ़ने की मान्यता है।
*वज्र योग-* बाधाओं के नाश, शत्रुओं पर विजय और शक्ति संचय के लिए यह योग अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
✍️*आचार्य डॉ प्रदीप द्विवेदी “रमण”*
शिव साधक- श्रीराधारमण शिष्य सम्प्रदाय, मिश्री मठ, हरिद्वार
पत्रकार व आध्यात्मिक लेखक



