पेट्रोल और डीजल के आज नए रेट जारी, दिल्ली से लखनऊ, पटना तक आज क्या है दाम

पेट्रोल और डीजल के आज नए रेट जारी, दिल्ली से लखनऊ, पटना तक आज क्या है दाम
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज रविवार 12 जुलाई को कोई बदलाव नहीं हुआ हैदिल्ली से लेकर लखनऊ और पटना तक रेट पुराने स्तर पर ही है l
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज रविवार को एक बार फिर से कोई बदलाव नहीं देखने को मिला है। कच्चे तेल के दाम अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ गए हैं इसके बाद घरेलू स्तर पर तेल की कीमतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बता दें, युद्ध के समय में जो कच्चा तेल 112 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था। वो फिर से 72 से 75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है।
किन शहरों में 110 रुपये के पार पेट्रोल का दाम (Petrol Price Today)
कोलकाता – 113.51 रुपये
मुंबई – 111.21 रुपये
बेंगलुरू – 111.68 रुपये
हैदराबाद – 115.69 रुपये
जयपुर – 112.69 रुपये
पटना – 113.37 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 115.49 रुपये
पेट्रोल का क्या चल रहा है रेट (Petrol Rate citywise)
दिल्ली – 102.12 रुपये
चेन्नई – 107.76 रुपये
गुरुग्राम – 102.97 रुपये
नोएडा – 101.96 रुपये
भुवनेश्वर – 108.97 रुपये
चंडीगढ़ – 101.54 रुपये
लखनऊ – 101.86 रुपये
डीजल का क्या चल रहा है रेट (diesel price today)
नई दिल्ली – 95.20 रुपये
कोलकाता – 99.82 रुपये
मुंबई – 97.83 रुपये
चेन्नई – 99.55 रुपये
गुरुग्राम – 95.64 रुपये
नोएडा – 99.44 रुपये
बेंगलुरू – 99.56 रुपये
भुवनेश्वर – 100.68 रुपये
चंडीगढ़ – 89.47 रुपये
हैदराबाद – 103.82 रुपये
जयपुर – 97.78 रुपये
लखनऊ – 95.36 रुपये
पटना – 99.36 रुपये
तिरुअनंतपुरम् – 104.40 रुपये
जल्द सस्ता नहीं होगा पेट्रोल और डीजल
तेल की कीमतों में कटौती की तुरंत कोई संभावना कम ही नजर आती है। पेट्रोलियम मंत्री ने पहले ही साफ कर दिया है कि मौजूदा समय में ऑयल कंपनियां अधिक रेट पर खरीदे गए कच्चे तेल को रिफाइन कर रही हैं। बता दें, मई में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 4 बार कीमतों को बढ़ाया था। जिसके बाद देश भर में पेट्रोल और डीजल 7.5 रुपये तक महंगा हो गया था।
एथेनॉल के बचाव में क्या बोली सरकार
सरकार ने पेट्रोल में एथनॉल के मिश्रण यानी ईबीपी कार्यक्रम का शुक्रवार को बचाव करते हुए कहा कि इस योजना से न केवल चीनी उद्योग को मजबूती मिली है, बल्कि किसानों की आय बढ़ी है और 2014-15 से अब तक देश को 1.90 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
खाद्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव अश्विनी श्रीवास्तव ने ‘अनाज एथनॉल विनिर्माता संघ’ (जीईएमए) के एक सम्मेलन में कहा कि एथनॉल अब कृषि अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुका है। इससे अतिरिक्त फसलों के लिए नए बाजार बने हैं और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हुई है।



