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सीएम योगी बोले- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए, क्लेम भुगतान समय से हो

सीएम योगी बोले- स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का असर सीधे आम आदमी को दिखना चाहिए, क्लेम भुगतान समय से हो

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए अस्पतालों में बेहतर इलाज, समय पर दवा और जांच सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आयुष्मान योजना के क्लेम भुगतान, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, नर्सिंग शिक्षा, टीबी उन्मूलन और स्वास्थ्य कर्मियों के समायोजन पर जोर दिया गया। प्रदेश में स्वास्थ्य ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में कई फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों की समीक्षा करते हुए साफ तौर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का लाभ सीधे आम आदमी को मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और आपात सेवाओं की गुणवत्ता लगातार बेहतर होनी चाहिए।

साथ ही, मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक, बेहतर मानव संसाधन और प्रभावी प्रबंधन से सशक्त बनाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल संस्थान बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को प्रशिक्षित चिकित्सक, विशेषज्ञ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्यकर्मी उपलब्ध कराना है। उन्होंने मेडिकल संस्थानों में आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ फैकल्टी और रिसर्च गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 108 जनपदीय चिकित्सालय, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 27,668 स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित हैं। वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं, जबकि 24.33 करोड़ पैथोलॉजी जांचें की गईं।

वर्ष 2016-17 की तुलना में सत्र 2025-26 तक प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 44 से बढ़कर 83 हो गई है, जो 88.6 प्रतिशत की वृद्धि है। विगत 10 वर्षों में पीजी सीटों की संख्या 1344 से बढ़कर 5067 हो गई है, जबकि एमबीबीएस सीटें 5390 से बढ़कर 12800 तक पहुंच गई हैं। सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी लगभग 165 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है।

नर्सिंग शिक्षा के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं। एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग और अन्य पाठ्यक्रमों की सीटों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा राज्य में लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हैं।‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत नर्सिंग शिक्षा में हुए सुधारों की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि 17 हजार स्कूलों में परामर्श सत्र आयोजित किए गए तथा 3.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई गई। 10,570 नर्सिंग संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया है।

आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों का सबसे बड़ा सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों का सबसे बड़ा सहारा बन रही है। उन्होंने क्लेम दावों का तय समय सीमा में निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्पतालों को समय पर भुगतान होता रहेगा तो मरीजों को बेहतर सुविधा मिलती रहेगी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 6480 अस्पताल योजना से जुड़े हैं और अब तक 96.75 लाख से अधिक नि:शुल्क उपचार किए जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष पद्धतियों को भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी पद्धतियों की आईपीडी सेवाओं को भी योजना का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए

मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं होनी चाहिए और उनकी जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 75 जनपदों में डायलिसिस सेवा और 74 जनपदों में सीटी स्कैन सेवा उपलब्ध है। मार्च 2026 तक 35.69 लाख से अधिक डायलिसिस सत्र और 45.35 लाख से अधिक सीटी स्कैन किए जा चुके हैं। 227 सीएचसी पर टेली-रेडियोलॉजी सेवा संचालित है।बैठक में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बताया गया कि संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी तथा 250 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं।यहां प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। यह भी बताया गया कि लोहिया संस्थान के नए परिसर में 1010 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक चिकित्सालय के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं एसजीपीजीआई में 500 बेड एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर परियोजना पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने टीबी उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन बनाने पर जोर देते हुए स्कूलों, कॉलेजों और स्वयंसेवी संस्थाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए ताकि बेहतर चिकित्सक सरकारी सेवाओं से जुड़ें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, जवाबदेही और संवेदनशीलता तीनों साथ दिखाई देनी चाहिए, तभी आम लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।

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