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यूपी: तीन दिन के प्रवास पर अचानक लखनऊ पहुंचे संघ प्रमुख, तेज हुई सरगर्मी; हो सकती हैं कई अहम बैठकें

यूपी: तीन दिन के प्रवास पर अचानक लखनऊ पहुंचे संघ प्रमुख, तेज हुई सरगर्मी; हो सकती हैं कई अहम बैठकें

संघ प्रमुख मोहन भागवत तीन दिन के प्रवास के लिए रविवार को अचानक लखनऊ पहुंचे। वह यहां कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे।  

प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत भी रविवार को लखनऊ पहुंच गए हैं। वह तीन दिनों पर राजधानी में ही प्रवास करेंगे। वह पूर्वी क्षेत्र के प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने आए हैं, लेकिन उनके इस प्रवास को प्रदेश सियासी तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। संघ प्रमुख के इस प्रवास को भले ही विशुद्ध रूप से संघ के कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन भागवत की इस यात्रा ने प्रदेश की सियासी सरगर्मी को बढ़ा दिया है।

दरअसल संघ देशभर में अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। इसके तहत संघ की ओर से विभिन्न अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, यूपी में संघ का प्रशिक्षण वर्ग भी चल रहा है। संघ प्रमुख विभिन्न प्रदेशों में प्रशिक्षण वर्ग में क्षेत्रवार शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में संघ प्रमुख राजधानी में आयोजित अवध, गोरक्ष, काशी और कानपुर प्रांत के स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने मोहन भागवत रविवार को निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर पहुंचे। वह अगले तीन दिनों तक वह राजधानी में रहेंगे। इस दौरान भागवत प्रशिक्षण वर्ग में बौद्धिक निर्देशन के साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष और विभिन्न अभियानों की समीक्षा करेंगे।

सूत्रों के मुताबिक भागवत संघ की कई अहम बैठकें लेंगे। संघ के पूर्वी क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठकों में वह शताब्दी वर्ष के तहत चल रहे गृह संपर्क अभियान, हिंदू सम्मेलनों सहित विभिन्न अभियानों के अलावा शाखा विस्तार पर चर्चा करेंगे। इनमें वह आगे चलने वाले अभियानों और कार्यक्रमों के संबंध में भी निर्देश देंगे। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ ही भाजपा के प्रमुख पदाधिकारियों, सरकार के प्रतिनिधियों और मुख्यमंत्री से भी उनकी मुलाकात हो सकती है। सरकार के कामकाज और विधान सभा चुनाव तैयारियों का भी वह जायजा लेंगे।

सूत्रों के अनुसार खासतौर से राजनीतिक तौर पर होने वाली जातिगत गोलबंदी की वजह से विभिन्न चुनौतियों से निपटने और समाज को एकजुट करने के बारे में मंथन करेंगे। भाजपा संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों से मुलाकात में संगठन और सरकार के बीच समन्वय के मुद्दों पर भी बात होगी। भाजपा संगठन के विस्तार जैसे मुद्दों की भी वह जानकारी लेंगे। यह भी माना जा रहा है कि अगले साल ही विधान सभा चुनाव होने हैं। ऐसे में वह प्रदेश के रानजीतिक हालात की भी जानकारी लेंगे

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