गोरखपुर गोड़धोइया नाला : जलभराव से ढाई लाख की आबादी को मिलेगी राहत

गोरखपुर गोड़धोइया नाला : जलभराव से ढाई लाख की आबादी को मिलेगी राहत
गोरखपुर शहर के गोड़धोइया नाला परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है। 495.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस योजना की 95 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। इसे जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। परियोजना के पूरा होने से 17 वार्डों की 2.20 लाख आबादी को जलभराव और जलजनित बीमारियों से राहत मिलेगी।
गोरखपुर शहर के उत्तरी-पूर्वी हिस्से में बहने वाले गोड़धोइया नाला परियोजना का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 495.24 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही इस महत्वाकांक्षी योजना की अब तक लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। इसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने पर इसी मानसून सीजन से महानगर के 17 वार्डों की लगभग 2.20 लाख आबादी को जलभराव, गंदगी और जलजनित बीमारियों से राहत मिलेगी।
परियोजना का विवरण
अमृत 2.0 कार्यक्रम के ट्रांच-2 के तहत संचालित गोड़धोइया नाला चैनलाइजेशन, रामगढ़ताल पुनर्जीवन, इंटरसेप्शन, डायवर्जन एवं ट्रीटमेंट परियोजना संचालित है। गोड़धोइया नाला जंगल छत्रधारी शाहगंज टोला और पोखरा टोला क्षेत्र से निकलकर रामगढ़ताल तक जाता है। लगभग 81.936 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले इसके कैचमेंट एरिया में पहले बरसात के दौरान भारी जलभराव और गंदे पानी की समस्या बनी रहती थी। नाले के अतिक्रमण और कच्चे स्वरूप के कारण पानी का बहाव बाधित होता था, जिससे आसपास के मोहल्लों में लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।



