बलरामपुर .बिना सरकारी फंड के जिला पंचायत सदस्य ने बनवाई सड़क, बैगा पारा में पहली बार पहुंचा विकास वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी ..

बलरामपुर .बिना सरकारी फंड के जिला पंचायत सदस्य ने बनवाई सड़क, बैगा पारा में पहली बार पहुंचा विकास वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी ..
शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़

बलरामपुर- जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटराही के बैगा पारा में आखिरकार ग्रामीणों का वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया। लंबे समय से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों को अब अपने घर तक पहुंचने के लिए बेहतर रास्ता मिल गया है। खास बात यह है कि इस सड़क निर्माण के लिए किसी सरकारी फंड का उपयोग नहीं किया गया, बल्कि जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा ने स्वयं अपने खर्च से सड़क का निर्माण कराया है।
पंचायत से कई बार की गई थी मांग ….
ग्रामीणों का कहना है कि बैगा पारा में सड़क नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कीचड़ और खराब रास्ते के कारण बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को आने-जाने में काफी दिक्कत होती थी। ग्रामीणों ने कई बार पंचायत स्तर पर सड़क निर्माण की मांग उठाई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य से लगाई गुहार …..
जब पंचायत स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा से मुलाकात कर अपनी समस्या बताई। ग्रामीणों की परेशानी को गंभीरता से लेते हुए बेला अनिल कुशवाहा ने तत्काल सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया। बताया जा रहा है कि जिला पंचायत फंड में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी, जिसके कारण कार्य रुक सकता था, लेकिन ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए उन्होंने स्वयं के पैसे से सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया।
गांव में चर्चा का विषय बना कार्य …..
बैगा पारा में सड़क निर्माण होने के बाद ग्रामीणों में काफी खुशी का माहौल है। गांव के लोगों का कहना है कि पहली बार किसी जनप्रतिनिधि ने बिना सरकारी फंड का इंतजार किए अपनी जिम्मेदारी निभाई है। यही कारण है कि यह कार्य पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्रामीणों ने कहा कि आज के समय में स्वयं के पैसे से जनहित का इतना बड़ा कार्य करना बड़ी बात है। लोग जिला पंचायत सदस्य बेला अनिल कुशवाहा को धन्यवाद और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
लोगों में दिखा उत्साह ……
नई सड़क बनने के बाद गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि सड़क बनने से अब बच्चों को स्कूल जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और दैनिक कार्यों में काफी सुविधा मिलेगी। गांव के बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों से जो सपना अधूरा था, वह अब पूरा हो गया है। लोगों ने इस पहल को एक मिसाल बताते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि इसी तरह संवेदनशील होकर काम करें तो गांवों की कई समस्याएं आसानी से दूर हो सकती हैं।
जनप्रतिनिधि की पहल बनी मिसाल ……
क्षेत्र में बेला अनिल कुशवाहा की इस पहल की सराहना हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास कार्य केवल घोषणाओं से नहीं बल्कि जमीन पर काम करने से दिखाई देता है। बैगा पारा में सड़क निर्माण ने यह साबित कर दिया कि जनप्रतिनिधि यदि इच्छाशक्ति रखें तो संसाधनों की कमी भी विकास कार्यों में बाधा नहीं बनती।



