दुल्लहपुर (गाजीपुर): जिले के दूसरा धामूपुर अंत्येष्टि स्थल पर हुआ मेवाती देवी का अंतिम संस्कार, क्षेत्र के लिए बना नजीर

जिले के दूसरा धामूपुर अंत्येष्टि स्थल पर हुआ मेवाती देवी का अंतिम संस्कार, क्षेत्र के लिए बना नजीर

दुल्लहपुर (गाजीपुर): विकासखंड जखनिया के ग्राम सभा धामूपुर स्थित मोलनापुर निवासी पारसनाथ यादव की माता मेवाती देवी (93 वर्ष) का निधन हो गया। बुधवार को उनका अंतिम संस्कार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनकल्याणकारी योजना के अंतर्गत नवनिर्मित अंत्येष्टि स्थल गाँव पर संपन्न हुआ। क्षेत्र में अपनी तरह का यह पहला आयोजन जन-जागरण का केंद्र बना रहा।जँहा
पैदल शव यात्रा और वैदिक मंत्रोच्चार
स्वर्गीय मेवाती देवी की अंतिम यात्रा ग्राम मोलनापुर से शुरू होकर लगभग 3 किलोमीटर की दूरी तय कर धामूपुर अंत्येष्टि स्थल पहुंची। ‘राम नाम सत्य है’ के जयघोष के साथ ग्रामीण पैदल चलते हुए गंतव्य तक पहुंचे। मृतका के बेटे पारस यादव ने कहाँ की पुरा परिवार आर्य समाज का अनुयायी है और माँ पांच माह से अस्वस्थ रही। आज अंत्येष्टि स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से अंतिम संस्कार संपन्न हुआ, जहाँ उनके ज्येष्ठ पुत्र ने उन्हें मुखाग्नि दी।
समय और संसाधनों की बचत का संदेश
आमतौर पर अंतिम संस्कार के लिए दूर-दराज की नदियों या स्थानों पर जाने की परंपरा रही है, जिसमें समय और वाहन आदि पर अनावश्यक खर्च होता था। स्थानीय अंत्येष्टि स्थल का उपयोग कर परिवार ने समाज को एक नई दिशा दी है। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर ऐसी व्यवस्था होने से आम जनमानस को काफी सहूलियत होगी और नाजायज खर्चों से भी बचा जा सकेगा।
गरिमामयी उपस्थिति
इस शोक की घड़ी में परिवार को ढांढस बंधाने और श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भाजपा नेता: जिला उपाध्यक्ष राजेश सोनकर, वरिष्ठ नेता गुलाब कुशवाहा, सुधाकर कुशवाहा।
जनप्रतिनिधि: ग्राम प्रधान सीकानू राम, सचिव राजकमल गौरव,पूर्व प्रधान जनार्दन यादव।
मनोज यादव, सरवन सिंह, अशोक यादव, राम लखन मौर्या, निखिल यादव,रविन्द्र गोड़, वीर बहादुर राजभर, विनोद चौहान, हरेंद्र राम, राजेश बासफोर, संजय राम, तेज बहादुर यादव, हरिओम यादव एवं पारस यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
चर्चा का विषय: स्थानीय अंत्येष्टि स्थल पर हुआ यह संस्कार पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों ने एक-दूसरे से आग्रह किया कि सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाते हुए भविष्य में ऐसे ही कार्यक्रमों को प्राथमिकता दें।



