लखनऊ: गैस किल्लत ने छीना मासूमों का निवाला, 300 स्कूलों में बुझ गए मिड-डे मील के चूल्हे!

लखनऊ: गैस किल्लत ने छीना मासूमों का निवाला, 300 स्कूलों में बुझ गए मिड-डे मील के चूल्हे!
भूखे पेट कैसे होगी पढ़ाई? माल-मलिहाबाद के 22,000 बच्चों की थाली तक नहीं पहुँच पा रहा राशन।
सिस्टम की ‘किल्लत’, बच्चों की ‘आफत’: राजधानी के परिषदीय विद्यालयों में एक हफ्ते से बंद है दोपहर का भोजन।
परिष्कृत समाचार रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस सिलेंडर की किल्लत अब मासूम बच्चों के निवाले पर भारी पड़ रही है। माल और मलिहाबाद विकास खंड के करीब 300 परिषदीय विद्यालयों में पिछले सात दिनों से मिड-डे मील के चूल्हे ठंडे पड़े हैं। गैस एजेंसियों के चक्कर काटकर थक चुके प्रधानाध्यापकों का कहना है कि सिलेंडर न होने की वजह से करीब 22,000 बच्चों को भूखे पेट ही स्कूल से घर लौटना पड़ रहा है।
खाली पेट घर भागने को मजबूर बच्चे
गरीब परिवारों से आने वाले इन बच्चों के लिए स्कूल का भोजन ही पोषण का मुख्य आधार है। दोपहर का खाना न मिलने के कारण बच्चे स्कूल में रुकने के बजाय घर भाग रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा भी प्रभावित हो रही है। प्रशासन की सुस्ती और गैस एजेंसियों की मनमानी ने इस संकट को और गहरा कर दिया है।
आंकड़ों में समस्या की गंभीरता



