Breaking Newsभारत

गाजीपुर : राष्ट्रीय लोक आदलत: 1 लाख 10 हजार 990 मुकदमे हुए निस्‍तारित

गाजीपुर

राष्ट्रीय लोक आदलत: 1 लाख 10 हजार 990 मुकदमे हुए निस्‍तारित

गाजीपुर। जनपद न्यायालय गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। माननीय जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताया गया कि लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि जब लोक अदालत के माध्यम से किसी मामले का निस्तारण होता है तब उसके विरूद्ध कोई अपील नहीं होती है और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के सफलता हेतु सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का आवाहन किया गया।इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि आज की लोक अदालत समाज के सभी वर्गों विशेषकर किसानों, मजदूरों और जवानों को समर्पित है। न्यायालय के प्रति जनता के विश्वास को बनाये रखने के लिए लोक अदालत के माध्यम की आवश्यकता है। यदि छोटे मामले सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारित हो जाते हैं तब न्यायालय पर भार कम होगा और जनता को और जल्दी निर्णय प्राप्त हो सकेगा।अर्चना, सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 34 हजार 668 मामले निस्तारण हेतु नियत किये गये थे, जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 1 लाख 24 हजार 490 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किये गये। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 500 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 1 लाख 10 हजार 990 मामले निस्तारित किये गये। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 24 विवाहित जोड़ो की सुलह कराकर विदाई करायी गयी। बैंकों द्वारा लगभग 7 करोड़ 34 लाख की धनराशि के मामले में इस लोक अदालत में निस्तारित किये गये। आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से सम्बंधित पाण्डाल भी लगाये गये हैं। जनपद न्यायाधीश द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल आदि का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर पी.ओ.(एम.ए.सी.टी.) संजय हरिशुक्ला, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय शैलोज चन्द्रा, अपर जिला जज अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, विजय कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज(सी.डि.) अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, अपर सिविल जज (सी.डी.) श्वेतांक चौहान सिविल जज(सी.डि.)/एफ.टी.सी अनन्त कुमार, सिविल जज(जू.डि.), दीक्षा त्रिपाठी, न्यायिक मजिस्ट्रेट मेहनाज खाँ, अपर सिविल जज (जू.डि.) मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर व रंजना देवी, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button