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लखनऊ 12 हजार से ज्यादा बीएलए, न एक वोटर जोड़ा और हटा भी नहीं पाए

लखनऊ 12 हजार से ज्यादा बीएलए, न एक वोटर जोड़ा और हटा भी नहीं पाए

विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की अवधि बढ़ाई गई है। 6 फरवरी तक घर-घर सर्वेक्षण का समय था, लेकिन अब यह 6 मार्च तक बढ़ गया है। लखनऊ में 12,122 बूथ लेवल एजेंट तैनात होने के बावजूद एक भी नया मतदाता बनाने का फॉर्म जमा नहीं हुआ है। राजनीतिक दलों की सक्रियता शून्य है।

एसआईआर यानी विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान की अवधि बढ़ गई है। पुरानी व्यवस्था में घर-घर सर्वेक्षण कर नाम जुड़वाने, कटवाने या संशोधन की समय सीमा छह फरवरी ही थी। अब तक का रिपोर्ट कार्ड जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी किया गया है। इसमें राजनीतिक दलों के बीएलए यानी बूथ लेवल एजेंटों की सक्रियता शून्य दिख रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आंकड़ों ने दलों के दावों की पोल खोल दी है। आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न राजनीतिक दलों ने लखनऊ में कागजों पर 12,122 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात करने का दावा किया है। अभियान के एक महीने बीत जाने के बाद भी इन बीएलए के माध्यम से एक भी नया मतदाता बनाने या नाम काटने का फॉर्म जमा नहीं किया गया है।

अभियान का एक माह पूरा, नतीजा सिफर जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी की ओर से शनिवार को जारी आंकड़ों के अनुसार दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 6 जनवरी से शुरू होकर 6 मार्च तक कर दी गई है। अभियान के पहले महीने (6 जनवरी से 6 फरवरी) की रिपोर्ट बताती है कि 12 हजार से ज्यादा बीएलए की फौज तैनात होने के बावजूद प्ररूप-6 (नाम सम्मिलित करने), प्ररूप-6क और प्ररूप-7 (नाम विलोपन) के कॉलम में शून्य दर्ज है। यानी किसी भी दल के एजेंट ने अब तक एक भी फॉर्म निर्वाचन कार्यालय में जमा नहीं कराया है। पक्ष और विपक्ष ने तैनात किए हैं बड़ी संख्या में बीएलए बूथ लेवल एजेंटों की नियुक्ति के मामले में भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच सबसे ज्यादा प्रतिस्पर्धा दिख रही है। भाजपा ने जनपद में सर्वाधिक 3,542 बीएलए नियुक्त किए हैं, वहीं मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने भी 3,450 एजेंट तैनात करने की सूचना दी है। बहुजन समाज पार्टी के 2,813 और कांग्रेस के 2,250 बीएलए सूची में दर्ज हैं। आम आदमी पार्टी ने भी 67 एजेंटों की नियुक्ति की है। मतदाता सूची को दुरुस्त करने की प्रक्रिया में किसी भी दल का कोई योगदान नजर नहीं आ रहा है। निर्वाचन आयोग की व्यवस्था पर भारी सुस्ती चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को मतदाता सूची पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए बीएलए नियुक्त करने की सुविधा दी है। लखनऊ जनपद की वर्तमान आलेख्य निर्वाचक नामावली में कुल 27,94,397 मतदाता हैं।

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