धर्मभारत

साहस और तत्परता: गाजीपुर में गंगा में डूबते पति-पत्नी के लिए देवदूत बने पीएसी के जवान

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।

आज दिनांक।01/02/026को

साहस और तत्परता: गाजीपुर में गंगा में डूबते पति-पत्नी के लिए देवदूत बने पीएसी के जवान

गाजीपुर | 01 फरवरी, 2026माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को गाजीपुर के ददरीघाट पर एक बड़ा हादसा होने से टल गया। गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में समा रहे पति-पत्नी को पीएसी की बाढ़ राहत टीम और स्थानीय गोताखोरों ने अपनी जान पर खेलकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की इस तत्परता की घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने सराहना की।जानकारी के अनुसार, बड़ी बाग निवासी सुषमा ओझा और उनके पति अमर ओझा ददरीघाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान सुषमा का पैर अचानक फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गईं। पत्नी को डूबता देख अमर ओझा उन्हें बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पानी के तेज बहाव और गहराई के कारण दोनों ही डूबने लगे। घाट पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।घटना के वक्त घाट पर तैनात 34वीं वाहिनी पीएसी भुल्लनपुर (वाराणसी) की बाढ़ राहत टीम तत्काल हरकत में आई। प्लाटून कमांडर मुख्तार यादव के नेतृत्व में: जवान लाल यादव और सोनू कुमार वर्मा ने बिना एक पल गंवाए उफनती गंगा में छलांग लगा दी।हेड कांस्टेबल योगानंद मिश्रा, लांस नायक दिलीप कुमार सिंह और अन्य 13 सदस्यीय टीम ने स्थानीय नाविकों व गोताखोरों के साथ समन्वय बिठाकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। चंद मिनटों के भीतर ही पति-पत्नी को सुरक्षित तट पर ले आया गया।सुरक्षित बाहर निकलने के बाद सुषमा ओझा भावुक हो गईं। उन्होंने भर्राई आंखों से पीएसी जवानों और नाविकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आज अगर ये जवान सक्रिय न होते, तो हमारे परिवार के साथ बड़ी अनहोनी हो जाती। ये हमारे लिए साक्षात भगवान बनकर आए।”

> अपील: पीएसी की टीम ने श्रद्धालुओं से बार-बार आग्रह किया है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही स्नान करें और गहरे पानी में जाने का जोखिम न उठाएं।

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