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मौत की सजा के फैसले’ पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया, बोलीं- पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित

मौत की सजा के फैसले’ पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया, बोलीं- पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को वहां के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (आईसीटी) ने मानवता के खिलाफ अपराध का दोषी ठहराया है। हसीना को इसी के साथ मौत की सजा सुनाई गई है। अब इस मामले में शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में दोषी करार देते हुए विशेष न्यायाधिकरण ने फांसी की सजा सुनाई है। अब इस मामले में शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। शेख हसीना ने न्यायाधिकरण के फैसले को पक्षपाती और राजनीति से प्ररित बताया है। बता दें कि उन्हें सोमवार को ही दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई है।

सजा पर शेख हसीना की पहली प्रतिक्रिया न्यायाधिकरण के फैसले को लेकर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मेरे खिलाफ सुनाए गए फैसले एक धांधली वाले न्यायाधिकरण द्वारा दिए गए हैं, जिसकी स्थापना और अध्यक्षता एक अनिर्वाचित सरकार द्वारा की गई है, जिसके पास कोई लोकतांत्रिक जनादेश नहीं है। वे पक्षपातपूर्ण और राजनीति से प्रेरित हैं। शेख हसीना ने कहा कि आईसीटी में कुछ भी अंतरराष्ट्रीय नहीं है; न ही यह किसी भी तरह से निष्पक्ष है। उनका दावा है कि न्यायाधिकरण ने केवल अवामी लीग के सदस्यों पर मुकदमा चलाया है, जबकि कथित तौर पर राजनीतिक विरोधियों द्वारा की गई हिंसा को नजरअंदाज किया है।

न्यायाधिकरण ने पांचों मामलों में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाईइससे पहले सोमवार को विशेष न्यायाधिकरण ने पूर्व पीएम को सभी पांचों मामलों में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है। बांग्लादेश के ‘अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण’ ने शेख हसीना और पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पूर्व आईजीपी चौधरी अब्दुल्ला अल मामून के खिलाफ मामलों की सुनवाई पूरी कर सजा का एलान किया। अदालत के फैसले को लेकर बांग्लादेश में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने बंद का एलान किया है।

अभियोजन पक्ष ने शेख हसीना को मौत की सजा देने की मांग की थीशेख हसीना और अन्य पर आरोप था कि उन्होंने छात्र आंदोलन को कुचलने की कोशिश की और उनके नेतृत्व में जुलाई 2023 में सुरक्षा कार्रवाई में 1400 लोग मारे गए।

अभियोजन पक्ष ने शेख हसीना को हिंसा के पीछे का मास्टरमाइंड बताते हुए मौत की सजा की मांग की थी। वहीं शेख हसीना और उनकी पार्टी का दावा है कि राजनीतिक प्रतिशोध के चलते उनके खिलाफ ये मुकदमें दर्ज किए गए। आइए जानते हैं कि शेख हसीना के खिलाफ कौन से थे वे पांच आरोप, जिनमें उन्हें मौत की सजा सुनाई गई।

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