बलरामपुर ज़िले में धान खरीदी के बाद उठाव न होने से बड़ी परेशानी सामने आ रही है।

लोकेशन -जिला बलरामपुर
जिला ब्यूरो चीफ शैलेंद्र कुमार द्विवेदी की रिपोर्ट
बलरामपुर ज़िले में धान खरीदी के बाद उठाव न होने से बड़ी परेशानी सामने आ रही है।
जिले की धान समितियों में लंबे समय से धान का उठाव नहीं होने पर समिति प्रबंधक चिंतित हैं।
जिले में 49 धान समिति खरीदी केंद्र है जिसमें अभी तक दो चार समिति का ही डिपो कटा है धान उठाव बहुत धीमी है
अगर जिले में इस तरह उठाव धान होता रहा तो बरसात आ जायेगा,
अगर ऐसा हुआ तो छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को भी करोड़ों रुपए नुकसान होगा।
धान खुले में रखे रहने से सूख रहा है, जिससे सैकड़ों बोरियों के वजन कम होने का खतरा बढ़ गया है।
प्रबंधकों को आशंका है कि वजन घटने पर उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इस समस्या को लेकर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा की बैठक में भी प्रबंधकों ने धान उठाव जल्द कराने की मांग रखी थी।
बैठक में जल्द उठाव का आश्वासन तो मिला, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
सबसे अहम बात यह है कि जिले में धान उठाव के लिए जिम्मेदार अधिकारी इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब होगा धान का उठाव और कब मिलेगी समितियों को राहत।



