गुरुग्राम : विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर ए एस आर फाउंडेशन द्वारा संगोष्ठी एवं समूह चर्चा का आयोजन

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र गुरुग्राम
विश्व युवा कौशल दिवस-2026 पर ए एस आर फाउंडेशन द्वारा संगोष्ठी एवं समूह चर्चा का आयोजन

“साझा भविष्य के लिए कौशल” विषय पर महिलाओं के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता एवं उद्यमिता पर मंथन कौशल दिवस-2026 के अवसर पर “साझा भविष्य के लिए कौशल” विषय पर ऑल स्किल एंड रिसर्च (ए एस आर) फाउंडेशन द्वारा वाल्मीकि चौपाल, फिरोज गांधी कॉलोनी, फेज-1, गुरुग्राम स्थित कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र में संगोष्ठी एवं समूह चर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कटिंग एवं टेलरिंग, ब्यूटी पार्लर तथा मैक्रमे से सजावटी वस्तुएँ बनाने के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की युवा महिला प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ ए एस आर फाउंडेशन के अध्यक्ष एम. पी. शर्मा द्वारा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के स्वागत के साथ हुआ। उन्होंने विश्व युवा कौशल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल विकास ही युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में वही युवा सफल होंगे जो तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल, नवाचार तथा उद्यमिता की भावना से युक्त होंगे।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत संगोष्ठी, संवादात्मक समूह चर्चा, अनुभव साझा करने तथा प्रशिक्षुओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी आयोजित की गई। सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर खातिजा निर्मला देवी तथा ज़ीनत ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं में रोजगार क्षमता, उद्यमिता, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व विकास तथा भविष्य के कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को सीखने, विशेषज्ञों से संवाद स्थापित करने तथा महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के क्षेत्र में नेटवर्किंग का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को पाँच समूहों में विभाजित किया गया। प्रत्येक समूह ने अपना समूह नेता एवं रिपोर्टर चुना तथा विभिन्न समसामयिक विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। चर्चा के प्रमुख विषयों में रोजगार एवं आत्मनिर्भरता के लिए कौशल विकास का महत्व, महिला सशक्तिकरण, भविष्य के करियर हेतु डिजिटल कौशल, व्यावसायिक कौशल द्वारा बेरोजगारी में कमी, नौकरी बनाम उद्यमिता, स्किल इंडिया मिशन की भूमिका, सॉफ्ट स्किल्स, आजीवन सीखने की आवश्यकता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अवसर एवं चुनौतियाँ, प्रशिक्षण से आय तक की सफलता की कहानियाँ, वित्तीय साक्षरता, हरित कौशल, महिलाओं के कौशल एवं रोजगार संबंधी चुनौतियाँ, सामुदायिक संगठनों की भूमिका तथा भारत में कौशल विकास का भविष्य जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
चर्चा के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज भी समाज के अनेक वर्गों में महिलाओं के प्रति संकीर्ण सोच, सुरक्षा संबंधी चिंताएँ, आर्थिक संसाधनों एवं पूंजी की कमी तथा शिक्षा एवं कौशल विकास के सीमित अवसर उनके आत्मनिर्भर बनने की राह में बड़ी बाधाएँ हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण, समान अवसर तथा सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण के बिना महिला सशक्तिकरण का लक्ष्य अधूरा रहेगा।
प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, मैक्रमे, हस्तशिल्प तथा अन्य स्वरोजगार आधारित क्षेत्रों में महिलाओं के लिए व्यापक रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर उपलब्ध हैं। यदि उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, उचित मार्गदर्शन तथा विपणन सहायता उपलब्ध कराई जाए तो वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकती हैं।
समूह चर्चा में महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण, ऑनलाइन कार्य के अवसर, आधुनिक कौशल विकास कार्यक्रम, परिवार का सहयोग, प्रशिक्षण शुल्क में रियायत, विपणन सहायता तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही संबंधित विभागों, सामाजिक संस्थाओं एवं कॉर्पोरेट संस्थानों (CSR) से महिला कौशल विकास एवं रोजगार सृजन में सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया।
प्रतिभागियों ने इस बात पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया कि ए एस आर फाउंडेशन का कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र अधिक से अधिक वंचित महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में किस प्रकार प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इस दौरान नए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने, सीमित निवेश से स्वरोजगार स्थापित करने, प्रशिक्षण के बाद रोजगार प्राप्त करने में आने वाली बाधाओं को दूर करने तथा डिजिटल मार्केटिंग के माध्यम से महिला उद्यमियों द्वारा अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए गए।
समूह चर्चाओं के उपरांत सभी समूहों ने अपने निष्कर्ष एवं सुझाव प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम अत्यंत संवादात्मक, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी बन गया। अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने समुदाय की अधिक से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने तथा कौशल विकास के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए निरंतर कार्य करेंगी।

